मलयालम फिल्म उद्योग में सुरक्षा पर जोर, रंजीत की गिरफ्तारी के बाद AMMA का बयान
रंजीत की गिरफ्तारी पर AMMA की प्रतिक्रिया
मलयालम फिल्म कलाकारों की संघ (AMMA) ने फिल्म निर्माता रंजीत की गिरफ्तारी के बाद अपना पहला आधिकारिक बयान जारी किया है। AMMA ने न्यायिक प्रणाली में अपने विश्वास को दोहराते हुए कहा कि मलयालम फिल्म उद्योग को महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और समान कार्य वातावरण प्रदान करने की आवश्यकता है। रंजीत पर आरोप है कि उन्होंने एक अभिनेत्री के साथ शूटिंग स्थल पर यौन उत्पीड़न का प्रयास किया।
गिरफ्तारी और कानूनी प्रक्रिया के विवरण
रंजीत की गिरफ्तारी के बाद की स्थिति
रंजीत को 31 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें 13 अप्रैल तक एर्नाकुलम उप जेल में न्यायिक हिरासत में रखा गया है। उन पर भारतीय न्याय संहिता की गैर-जमानती धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं, जिसमें शील भंग करने का इरादा, यौन उत्पीड़न और महिलाओं की शील को अपमानित करने के इरादे से इशारे शामिल हैं।
उनके वकील, मोहम्मद सियाद, ने हाल ही में मामले से हटने का निर्णय लिया है, क्योंकि वह उस फिल्म सेट पर आंतरिक शिकायत समिति (ICC) के सदस्य रहे हैं, जहां यह कथित घटना हुई थी। शिकायत के अनुसार, यह घटना 30 जनवरी को थोडुपुझा में एक कैरवान के अंदर हुई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रंजीत को गिरफ्तार किया।
WCC की आलोचना
कार्यस्थल की विफलताओं पर WCC की प्रतिक्रिया
महिलाओं के सिनेमा सामूहिक (WCC) ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, यह कहते हुए कि मलयालम फिल्म सेट पर सुरक्षा सुनिश्चित करने में लगातार प्रणालीगत विफलताएँ हो रही हैं। समूह ने बताया कि उच्च न्यायालय के निर्देशों और नए सिनेमा नीति के बावजूद, ICCs और निगरानी समितियाँ प्रभावी रूप से कार्य नहीं कर रही हैं। WCC ने कहा कि उनकी कोशिशों ने हर फिल्म सेट पर ICCs की स्थापना का उच्च न्यायालय का आदेश प्राप्त किया है, लेकिन ये प्रणाली अभी भी प्रभावी नहीं हैं।