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बॉलीवुड की चमक छोड़कर बौद्ध भिक्षु बनीं बरखा मदान

बरखा मदान, जो 90 के दशक में बॉलीवुड की चमक-दमक का हिस्सा थीं, ने अब बौद्ध भिक्षु बनने का निर्णय लिया है। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा कहकर एक साधारण और आध्यात्मिक जीवन अपनाया है। जानें कैसे उन्होंने ग्लैमर की दुनिया को छोड़कर अपने अंदर की शांति की खोज की और अब हिमाचल प्रदेश की वादियों में बौद्ध धर्म का प्रचार कर रही हैं। उनकी कहानी प्रेरणादायक है और यह दर्शाती है कि सच्ची खुशी बाहरी दुनिया से नहीं, बल्कि आंतरिक शांति से आती है।
 

फिल्मी दुनिया की असलियत

फिल्म उद्योग में काम करने वाले सितारों की जिंदगी बाहरी लोगों को जितनी आकर्षक लगती है, असल में वह उतनी ही जटिल होती है। इस चमक-दमक की दुनिया में कई सितारे खो जाते हैं, जबकि कुछ अकेलेपन का अनुभव करते हैं। ऐसे में, कुछ लोग इस जीवन को छोड़कर अलग रास्ता चुनते हैं। कुछ देश छोड़ देते हैं, कुछ व्यवसाय में लग जाते हैं, जबकि कुछ नौकरी करने लगते हैं। लेकिन कुछ ही ऐसे होते हैं, जो इस ग्लैमर से दूर होकर आध्यात्मिकता की ओर बढ़ते हैं। 90 के दशक में बॉलीवुड में कदम रखने वाली एक ऐसी अदाकारा हैं, जो अब संन्यास लेकर बौद्ध भिक्षु बन गई हैं।


बरखा मदान का परिचय

बॉलीवुड की चकाचौंध और शोहरत को छोड़ना आसान नहीं होता। इस जगमगाती दुनिया में भी अपनी आंतरिक शांति को खोजना मुश्किल है, लेकिन बरखा मदान ने यह किया। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा कहकर धर्म और साधना का मार्ग अपनाया है। एक समय पर रेड कार्पेट पर चलने वाली बरखा की जिंदगी अब पूरी तरह बदल चुकी है।


मॉडलिंग से फिल्मी करियर तक

बरखा ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की। 1994 में उन्होंने मिस इंडिया प्रतियोगिता में भाग लिया, जहां उन्हें मिस टूरिज्म इंडिया का खिताब मिला। इस प्रतियोगिता में ऐश्वर्या राय और सुष्मिता सेन भी शामिल थीं। इसके बाद, बरखा ने बॉलीवुड में कदम रखा और अक्षय कुमार के साथ 'खिलाड़ियों का खिलाड़ी' में काम किया। इसके बाद, उन्होंने राम गोपाल वर्मा की फिल्म 'भूत' में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


आध्यात्मिकता की ओर बढ़ते कदम

हालांकि बरखा का करियर ऊंचाई पर था, लेकिन वह अंदर से खुश नहीं थीं। उन्हें हमेशा यह सवाल सताता था कि क्या यही जीवन का अंत है? इस खालीपन को भरने के लिए उन्होंने दलाई लामा की शिक्षाओं को अपनाया और ग्लैमर की दुनिया को छोड़ने का निर्णय लिया।


नया जीवन और पहचान

2012 में, बरखा ने बॉलीवुड को अलविदा कहकर बौद्ध भिक्षु बनने का निर्णय लिया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की वादियों में बसने का फैसला किया और अपना नाम ग्यालटेन समतेन रखा। अब वह साधारण जीवन जीती हैं और बौद्ध परंपराओं का पालन करती हैं। वह हमेशा मरून चोला पहनती हैं और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती हैं, जहां वह बौद्ध धर्म की शिक्षाओं का प्रचार करती हैं।