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बॉबी देओल ने पिता के निधन के बाद परिवार के साथ बिताए समय की अहमियत बताई

बॉबी देओल ने अपने पिता धर्मेंद्र के निधन के बाद परिवार के साथ बिताए समय की अहमियत पर जोर दिया है। उन्होंने बताया कि कैसे इस कठिन समय में वे अपनी सौतेली बहनों के और करीब आए हैं और परिवार के सदस्यों के साथ संबंधों को मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की है। बॉबी ने यह भी कहा कि असली सफलता अपने प्रियजनों के साथ बिताए समय में है, न कि दौलत या शोहरत में।
 

पिता के निधन के बाद का अनुभव

अभिनेता बॉबी देओल ने अपने पिता के निधन के बाद परिवार के साथ समय बिताने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने साझा किया कि कई दिन ऐसे थे जब उन्हें लगा कि काश वे अपने पिता के साथ और अधिक समय बिता पाते। इस दौरान, उन्होंने अपनी सौतेली बहनों ईशा और अहाना देओल के साथ अपने रिश्ते के बारे में भी चर्चा की। पिछले साल 24 नवंबर को दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का निधन हुआ, जिससे पूरा देओल परिवार गहरे दुख में डूब गया।


पिता के प्रभाव पर विचार

बॉबी ने हाल ही में एक साक्षात्कार में कहा कि उनके पिता के जाने का उन पर गहरा असर पड़ा है। उन्होंने कहा, “कई बार ऐसा लगा कि काश मैं उनसे और सवाल कर पाता। अब मैं अपने परिवार, पत्नी और बेटों के साथ अधिक समय बिताने के लिए सचेत रहता हूं।”


दौलत और शोहरत का महत्व

उन्होंने यह भी कहा, “बॉक्स ऑफिस, समीक्षाएं और भूमिकाएं, अंततः ये सब कुछ भी मायने नहीं रखते। असली सफलता इस बात में है कि आप अपने प्रियजनों के साथ कितना समय बिता पाते हैं। शोहरत और दौलत का क्या मतलब है अगर आपके साथ कोई नहीं है?”


सौतेली बहनों के साथ संबंध

बॉबी ने बताया कि इस कठिन समय में वे अपनी सौतेली बहनों ईशा और अहाना के और करीब आ गए हैं। उन्होंने कहा, “हम सभी अपने-अपने तरीके से इस दुख का सामना कर रहे हैं। कभी-कभी हम एक-दूसरे को गलत समझ लेते हैं, लेकिन समय के साथ सब ठीक हो जाता है। नुकसान का अपना एक तरीका होता है, जो परिवार को एक-दूसरे के करीब लाता है।”


धर्मेंद्र की पारिवारिक पृष्ठभूमि

धर्मेंद्र ने दो शादियां की थीं। पहली शादी प्रकाश कौर से हुई, जिससे उन्हें चार बच्चे हुए: सनी, बॉबी, विजेता और अजीता। फिर 1980 में, उन्होंने हेमा मालिनी से विवाह किया, जिससे उन्हें दो बेटियां, ईशा और अहाना मिलीं।