बॉबी देओल का कमबैक: विलेन की भूमिका से मिली नई पहचान
बॉबी देओल का संघर्ष और सफलता
बॉलीवुड अभिनेता बॉबी देओल ने अपने अद्वितीय अभिनय कौशल और प्रभावशाली किरदारों के जरिए दर्शकों के दिलों में एक विशेष स्थान बना लिया है। फिल्मी परिवार से होने के बावजूद, उन्हें फिल्म उद्योग में अपनी पहचान बनाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी। 'लॉर्ड बॉबी' ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर एक अलग पहचान स्थापित की है। वर्तमान में, वह अपनी नई फिल्मों और वेब सीरीज के चलते सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। हाल ही में, उन्होंने 'आप की अदालत' में इंडिया टीवी के चेयरमैन रजत शर्मा के साथ अपने कमबैक और खोए हुए स्टारडम को पुनः प्राप्त करने के बारे में खुलकर बात की।
परिवार की परंपरा को तोड़ते हुए विलेन बने बॉबी
बॉबी देओल ने अपने करियर के बारे में कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। जब रजत शर्मा ने उनसे पूछा कि उन्होंने अपने परिवार की परंपरा को क्यों तोड़ा और नकारात्मक भूमिकाएं क्यों चुनीं, जबकि उनके पिता और भाई सनी देओल ने कभी भी ऐसे किरदार नहीं निभाए, तो बॉबी ने उत्तर दिया: 'जब मेरे करियर में कठिनाई आई, तब ओटीटी प्लेटफॉर्म ने मेरी और कई अन्य कलाकारों की मदद की। हीरो हमेशा हीरो रहता है, लेकिन मुझे ऐसे किरदार पसंद हैं जो दर्शकों के दिलों में लंबे समय तक बसे रहें। इसलिए मैंने ऐसा किरदार चुना।'
बॉबी देओल का शानदार कमबैक
बॉबी देओल का बॉलीवुड में कमबैक 'आश्रम' वेब सीरीज से हुआ, जिसके बाद उन्होंने 2023 की हिट फिल्म 'एनिमल' में अबरार हक के किरदार से दर्शकों को प्रभावित किया। नकारात्मक भूमिकाएं निभाकर उन्होंने अपने करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया और खोया हुआ स्टारडम वापस पाया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें खुशी है कि उन्हें कुछ नया करने का अवसर मिला, क्योंकि उनके पिता दिवंगत अभिनेता धर्मेद्र और भाई सनी देओल ने कभी भी नकारात्मक भूमिकाएं नहीं कीं।