बार-बार पेशाब आने के कारण और समाधान: जानें विशेषज्ञों की राय
पेशाब की आवृत्ति और स्वास्थ्य संकेत
दिनभर में शरीर की आवश्यकतानुसार पानी पीना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। सामान्यतः एक स्वस्थ व्यक्ति दिन में 4 से 8 बार यूरिन पास करता है। लेकिन क्या आपको हर घंटे या उससे भी कम समय में पेशाब के लिए जाना पड़ता है? कई लोग इसे अधिक पानी पीने का नतीजा मानकर अनदेखा कर देते हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और यूरोलॉजिस्ट्स के अनुसार, यदि सामान्य मात्रा में पानी पीने के बावजूद बार-बार यूरिन आ रहा है, तो यह केवल पानी का प्रभाव नहीं, बल्कि शरीर में कुछ आंतरिक समस्याओं का संकेत हो सकता है।
विशेषज्ञों की राय
यूरोलॉजिस्ट संतोष कुमार के अनुसार, बार-बार पेशाब आने के कई कारण हो सकते हैं। कभी-कभी, डायबिटीज के कारण पेशाब की थैली, जिसे यूरीनरी ब्लैडर कहा जाता है, कमजोर हो जाती है। इसके अलावा, पुरुषों में प्रोस्टेट की रुकावट भी पेशाब की थैली पर दबाव डाल सकती है, जिससे बार-बार पेशाब आने की समस्या उत्पन्न होती है।
स्वास्थ्य समस्याओं के संकेत
ऑस्ट्रेलियाई स्वास्थ्य पोर्टल Wealthdirect के अनुसार, बार-बार पेशाब आना कई स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है। यह समस्या आमतौर पर यूरिन इंफेक्शन, किडनी से जुड़ी समस्याओं या गर्भावस्था के दौरान देखी जाती है। हालांकि, कुछ गंभीर बीमारियां भी इसके पीछे हो सकती हैं, जिनके कारण व्यक्ति को थोड़ी-थोड़ी देर में पेशाब जाने की आवश्यकता महसूस होती है।
कम पानी पीकर पेशाब आने के कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आपको हर आधे घंटे में पेशाब आता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुछ बीमारियां हैं जो बार-बार पेशाब आने का कारण बन सकती हैं, जैसे:
- डायबिटीज के मरीजों में ब्लड शुगर बढ़ने पर किडनी अतिरिक्त शुगर को बाहर निकालने के लिए ज्यादा यूरिन बनाती है।
- ओवरएक्टिव ब्लैडर (OAB) में पेशाब की थैली पूरी तरह भरी न होने पर भी बार-बार सिकुड़ने लगती है, जिससे तुरंत टॉयलेट जाने की इच्छा होती है।
- यूटीआई के कारण मूत्राशय में बैक्टीरिया के कारण सूजन आ जाती है, जिससे बार-बार और जलन के साथ पेशाब आता है।
- पुरुषों में प्रोस्टेट बढ़ने से प्रोस्टेट ग्रंथि बड़ी हो जाती है और यूरिन की नली को दबाती है, जिससे ब्लैडर पूरी तरह खाली नहीं हो पाता।
डॉक्टर से कब संपर्क करें?
यदि बार-बार पेशाब आने के साथ बुखार या कंपकंपी हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
पेशाब करते समय तेज जलन या दर्द महसूस होने पर इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से मिलें।
यदि यूरिन का रंग बदला हुआ हो या उसमें खून दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
पीठ के निचले हिस्से या पेट में तेज दर्द होने पर भी डॉक्टर से मिलना आवश्यक है।
इन लक्षणों में से कोई भी दिखने पर घरेलू नुस्खों के बजाय तुरंत यूरोलॉजिस्ट से मिलें।
ध्यान रखने योग्य बातें
शाम के समय या सोने से पहले चाय, कॉफी या कैफीन युक्त चीजों का सेवन कम करें, क्योंकि ये ब्लैडर को उत्तेजित करते हैं।
बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से कोई एंटीबायोटिक या यूरिन साफ करने वाली दवा न लें।
ब्लैडर को मजबूत बनाने के लिए डॉक्टर की सलाह पर 'कीगल एक्सरसाइज' की जा सकती है।