फिल्म ‘जंजीर’: कैसे बनी अमिताभ बच्चन की किस्मत का टर्निंग पॉइंट
फिल्म का महत्व और अमिताभ बच्चन का करियर
हिंदी सिनेमा में 'जंजीर' को एक मील का पत्थर माना जाता है, जिसने न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की, बल्कि अमिताभ बच्चन के करियर को भी नई दिशा दी। इस फिल्म के बाद उन्हें बॉलीवुड का 'एंग्री यंग मैन' कहा जाने लगा।
धर्मेंद्र की पहली पसंद
कम ही लोग जानते हैं कि अमिताभ बच्चन इस फिल्म के लिए पहले विकल्प नहीं थे। शुरुआत में धर्मेंद्र को इस फिल्म के लिए संपर्क किया गया था। उस समय धर्मेंद्र एक प्रमुख सितारे थे और उन्होंने स्क्रिप्ट को इतना पसंद किया कि उन्होंने इसके राइट्स भी खरीद लिए। लेकिन बाद में उनकी अन्य प्रतिबद्धताओं के कारण यह प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ सका।
अन्य सितारों की अनिच्छा
इसके बाद फिल्म कई अन्य बड़े नामों के पास गई। दिलीप कुमार, देव आनंद और राज कुमार जैसे दिग्गजों को भी इस फिल्म के लिए संपर्क किया गया, लेकिन किसी ने कहानी या अपनी छवि के कारण इसे करने से मना कर दिया।
अमिताभ का चयन
उस समय रोमांटिक फिल्मों का बोलबाला था, और गुस्सैल पुलिस अधिकारी की कहानी पर विश्वास करना मुश्किल था। अंततः निर्देशक प्रकाश मेहरा ने अमिताभ बच्चन को इस भूमिका के लिए चुना। एक्टर प्राण ने उन्हें 'बॉम्बे टू गोवा' में अमिताभ की परफॉर्मेंस देखने की सलाह दी। उनकी एक्शन और अदाकारी से प्रभावित होकर मेहरा ने उन्हें 'जंजीर' के लिए साइन कर लिया।
फिल्म की सफलता
अमिताभ उस समय कई फ्लॉप फिल्मों का सामना कर रहे थे, लेकिन 'जंजीर' ने सब कुछ बदल दिया। फिल्म में उनके गंभीर किरदार और दमदार संवादों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। इस फिल्म के बाद उनकी पहचान एक सुपरस्टार के रूप में स्थापित हो गई।
बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड
'जंजीर' ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। लगभग 90 लाख रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने भारत में लगभग 3 करोड़ रुपये की कमाई की, जबकि वैश्विक स्तर पर इसका कलेक्शन 17 करोड़ रुपये से अधिक रहा।
शुरुआत में चुनौतियाँ
हालांकि, फिल्म की शुरुआत धीमी रही। पहले कुछ दिनों में कम कलेक्शन को देखकर अमिताभ काफी तनाव में आ गए थे, लेकिन जल्द ही फिल्म ने रफ्तार पकड़ी और सिनेमाघरों में 'हाउसफुल' के बोर्ड लगने लगे।
अमिताभ का सुपरस्टार बनना
'जंजीर' ने अमिताभ बच्चन के करियर में एक महत्वपूर्ण मोड़ लाया। इस फिल्म ने उन्हें रातोंरात सुपरस्टार बना दिया और इसके बाद से उन्हें बॉलीवुड का 'एंग्री यंग मैन' कहा जाने लगा।