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प्रेग्नेंसी में असफलता का अनोखा कारण: एक महिला की कहानी

एक महिला ने तीन वर्षों तक प्रेग्नेंसी की कोशिश की, लेकिन हर बार असफल रही। जब उसने डॉक्टर से संपर्क किया, तो पता चला कि उसकी समस्या का कारण एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर था। जानें इस अनोखी कहानी के पीछे का सच और विशेषज्ञ की सलाह।
 

महिला की प्रेग्नेंसी की कोशिश


कभी-कभी प्रेग्नेंसी में असफलता का कारण ऐसा होता है, जो सभी को चौंका देता है। एक महिला ने पिछले तीन वर्षों से प्रेग्नेंट होने की कोशिश की, लेकिन हर बार उसे निराशा का सामना करना पड़ा। जब उसने डॉक्टर से संपर्क किया, तो असली कारण जानकर सभी हैरान रह गए। आजकल कई दंपत्तियों को प्रेग्नेंसी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई बार सालों की कोशिशों के बाद भी सफलता नहीं मिलती, जिससे दंपत्तियों में तनाव बढ़ जाता है और वे अक्सर अतीत की गलतियों को याद करने लगते हैं। इस महिला के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। वह तीन साल से प्रेग्नेंसी की कोशिश कर रही थी, लेकिन हर बार असफल रही। जब उसने डॉक्टर से सलाह ली, तो उसने कहा, 'मुझे लगा था कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा... लेकिन।'


महिला की इस बात को सुनकर सवाल उठता है कि आखिर वह 'एक बात' या 'भूल' क्या थी, जो उसकी प्रेग्नेंसी में बाधा बन रही थी। क्या यह सच में वही कारण था या इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सा समस्या थी? आइए जानते हैं, इस मामले को देख रही फर्टिलिटी विशेषज्ञ डॉ. महिमा से।


फर्टिलिटी विशेषज्ञ की सलाह

डॉ. महिमा ने बताया कि हाल ही में उनके पास एक 28 वर्षीय दंपत्ति आया था, जो पिछले तीन वर्षों से प्रेग्नेंसी के लिए प्रयास कर रहा था, लेकिन हर बार असफल रहा।
महिला ने शादी से पहले अबॉर्शन पिल ली थी।


विशेषज्ञ ने कहा कि महिला को विश्वास था कि जब भी वह चाहेंगी, प्रेग्नेंट हो जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हर महीने प्रेग्नेंसी टेस्ट नेगेटिव आते रहे, जिससे उसकी चिंता और डिप्रेशन बढ़ता गया। परिवार में चर्चा और ताने उसे मानसिक रूप से तोड़ने लगे। इसी कारण उसने पारिवारिक समारोहों में जाना बंद कर दिया।
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दंपत्ति ने कई डॉक्टरों से सलाह ली थी, लेकिन हर जगह से कोई ठोस उत्तर नहीं मिला। जब डॉ. महिमा ने उनकी रिपोर्ट देखी, तो महिला का एमएच लेवल सामान्य था, अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट भी ठीक थी। पति की सीमेन जांच भी सही थी। फिर भी प्रेग्नेंसी नहीं हो रही थी। हर बार उम्मीद के साथ टेस्ट कराते और निराश होते।
महिला ने कहा, 'डॉक्टर, मेरी आंखें और मुंह हमेशा सूखे रहते हैं। मुझे लगभग छह साल पहले एक ऑटोइम्यून बीमारी हुई थी और तब से लोग कहते हैं कि 'तुम्हारी जैसी महिलाएं कभी मां नहीं बन सकतीं।' यह बात उसे सालों तक परेशान करती रही। लेकिन जब मैंने जांच की, तो हमें वह कारण मिला जो अब तक छिपा हुआ था।


महिला को मिला Sjögren's सिंड्रोम

डॉक्टर ने बताया कि जांच में पता चला कि महिला को Sjögren's सिंड्रोम है, जो एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है। इस स्थिति में आंखों, त्वचा और यहां तक कि योनि में भी सूखापन होता है, जिससे नैचुरली गर्भधारण करना मुश्किल हो सकता है।
लगभग 10 से 15% दंपत्तियों को अनएक्सप्लेंड इनफर्टिलिटी का सामना करना पड़ता है, जहां सभी टेस्ट सामान्य होते हैं, फिर भी गर्भधारण नहीं हो पाता। ऐसे मामलों में कई बार Sjögren's सिंड्रोम जैसी छिपी हुई स्थिति कारण बन जाती है। लेकिन अच्छी बात यह है कि यदि समय पर निदान और सही उपचार मिले, तो प्रेग्नेंसी पूरी तरह संभव है। और यही इस दंपत्ति के साथ भी हुआ।


निष्कर्ष

इस लेख में दी गई जानकारी पूरी तरह से इंस्टाग्राम रील पर आधारित है।