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प्रकाश राज को वोटर आईडी मामले में मिली राहत

प्रकाश राज को बेंगलुरु की अदालत से वोटर आईडी मामले में राहत मिली है। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होकर गैर-जमानती वारंट का सामना किया और जमानत प्राप्त की। यह मामला 2019 से चल रहा है, जिसमें उन पर आरोप है कि उन्होंने कई राज्यों में वोटर आईडी रखे हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और प्रकाश राज के आगामी प्रोजेक्ट्स के बारे में।
 

प्रकाश राज को मिली जमानत

प्रकाश राज को चल रहे वोटर आईडी मामले में राहत मिली है। शुक्रवार को उन्होंने बेंगलुरु की अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर गैर-जमानती वारंट का सामना किया, जो पहले उनके अदालत के समन का जवाब न देने के कारण जारी किया गया था। उनके कानूनी दल ने अदालत से वारंट वापस लेने की अपील की, और अभिनेता ने उसी सुनवाई के दौरान जमानत भी मांगी। अदालत ने उनकी याचिका स्वीकार की, वारंट को वापस लिया और उन्हें एक छोटी नकद जमानत पर जमानत दी। इससे वारंट से जुड़ी तत्काल कानूनी परेशानियाँ समाप्त हो गई हैं, हालांकि बड़ा मामला अभी भी जारी है।


जमानत की प्रक्रिया

बेंगलुरु की 48वीं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अदालत ने शुक्रवार को प्रकाश राज के वकीलों की दलीलें सुनीं। उनके वकील ने अदालत से पहले जारी किए गए गैर-जमानती वारंट को वापस लेने का अनुरोध किया। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद, अदालत ने वारंट को वापस लेने पर सहमति जताई। प्रकाश राज को केवल 4,000 रुपये की नकद जमानत पर जमानत दी गई, जिससे वारंट से जुड़ी तत्काल कार्यवाही समाप्त हो गई।


उनके वकीलों ने अदालत को बताया कि समन उन्हें कभी नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अभिनेता को इस मामले की जानकारी केवल मीडिया रिपोर्ट्स के माध्यम से मिली, न कि अदालत द्वारा भेजे गए किसी आधिकारिक नोटिस के माध्यम से। अदालत ने इस स्पष्टीकरण को स्वीकार किया और वारंट वापस लेने की याचिका को मंजूरी दी। जमानत मिलने के बाद, प्रकाश राज अब इस वारंट से संबंधित गिरफ्तारी के खतरे में नहीं हैं, हालांकि मामला अभी भी सक्रिय है।


मामले की पूरी जानकारी

यह मामला 2019 का है, जब वकील दिलीप कुमार ने हलासुर गेट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रकाश राज के पास कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना सहित कई राज्यों में वोटर आईडी कार्ड हैं। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, एक व्यक्ति केवल एक स्थान पर मतदाता के रूप में पंजीकृत हो सकता है। कई वोटर आईडी रखना इस नियम के खिलाफ है। शिकायतकर्ता ने कहा कि उनकी पुलिस शिकायत के बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु पुलिस आयुक्त और चुनाव आयोग से संपर्क किया, लेकिन दोनों से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिससे उन्हें अदालत का रुख करना पड़ा। अदालत ने प्रकाश राज को दो अलग-अलग मौकों पर समन जारी किया, लेकिन वह दोनों बार उपस्थित नहीं हुए। इस बार-बार अनुपस्थिति के कारण अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया, जिसे अब उनकी अदालत में उपस्थिति और जमानत के बाद वापस ले लिया गया है।


प्रकाश राज का कार्यक्षेत्र

अदालत के बाहर, प्रकाश राज अपनी अभिनय करियर में कई भाषाओं में सक्रिय हैं। उनकी सबसे प्रत्याशित फिल्मों में से एक एसएस राजामौली की वाराणसी है, जिसमें महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन मुख्य भूमिका में हैं।