त्रिशाला दत्त ने साझा किया बचपन का दर्द, बताया बुलिंग का सामना
त्रिशाला का दर्दनाक अनुभव
बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त की बेटी त्रिशाला दत्त भले ही फिल्म इंडस्ट्री से दूर रहना पसंद करती हैं, लेकिन उनके बारे में चर्चाएं अक्सर होती रहती हैं। हाल ही में एक साक्षात्कार में, त्रिशाला ने अपने बचपन के कठिन अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें बचपन में काफी बुली किया गया।
बचपन में झेली बुलिंग
त्रिशाला ने खुलासा किया कि जब वह केवल 8 साल की थीं, तब उन्हें नस्लीय भेदभाव का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, उन्होंने अपने बढ़ते वजन के लिए भी ताने सुने। त्रिशाला, जो संजय दत्त और उनकी पहली पत्नी ऋचा की संतान हैं, ने अपनी मां को खोने के दर्द को भी साझा किया।
मां की मौत का असर
साल 1996 में ऋचा की मृत्यु हो गई, जिससे त्रिशाला काफी अकेली महसूस करने लगीं। उनके नाना-नानी ने उनकी देखभाल की। त्रिशाला ने बताया कि जब वह छोटी थीं, तब उन्हें बुली किया जाता था क्योंकि वे भारतीय थीं। हाई स्कूल में उनके बैकग्राउंड के बारे में बातें होने लगीं।
खुद को ढूंढने की यात्रा
त्रिशाला ने कहा कि जब वह भारत आती थीं, तो लोग उनके लुक्स पर टिप्पणी करते थे, जिससे उन्हें अच्छा नहीं लगता था। इसीलिए उन्होंने हमेशा इस ग्लैमरस दुनिया से दूरी बनाए रखी। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना किया है और आज जो भी हैं, वह अपनी मेहनत से हैं।
संजय दत्त और ऋचा का रिश्ता
संजय दत्त और उनकी बेटी त्रिशाला के बीच का रिश्ता बहुत अच्छा है। ऋचा शर्मा भी एक अभिनेत्री थीं, और दोनों ने 1987 में न्यू यॉर्क में शादी की। त्रिशाला का जन्म 1988 में हुआ। ऋचा की मृत्यु के बाद, संजय ने मान्यता दत्त से विवाह किया और उनके दो बच्चे हैं।