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जैकलीन फर्नांडीज ने 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गवाह बनने की इच्छा जताई

जैकलीन फर्नांडीज ने 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गवाह बनने की इच्छा जताई है। यह मामला सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है, जो एक कथित ठग है। अदालत ने उन्हें औपचारिक आवेदन दाखिल करने का निर्देश दिया है। जानें इस मामले की जटिलताओं और जैकलीन के संबंधों के बारे में।
 

जैकलीन फर्नांडीज का नया मोड़

जैकलीन फर्नांडीज ने शुक्रवार, 18 अप्रैल को 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गवाह बनने की इच्छा व्यक्त की, जो कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है। यह घटनाक्रम नई दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के दौरान सामने आया। अदालत ने उनकी याचिका सुनने के बाद उन्हें संबंधित विभाग के समक्ष औपचारिक आवेदन दाखिल करने का निर्देश दिया। यह मामला वर्षों से चल रहा है और अभिनेत्री को गंभीर कानूनी समस्याओं में उलझाए हुए है।

गवाह कौन होता है?

भारतीय कानून के अनुसार, गवाह वह आरोपी होता है जो अभियोजन पक्ष के साथ सहयोग करने के लिए सहमत होता है और अन्य सह-आरोपियों के खिलाफ सबूत देता है, जिसके बदले में उसे माफी मिलती है। गवाह बनने से व्यक्ति के लिए कानूनी परिणामों को कम या समाप्त किया जा सकता है, बशर्ते कि अदालत इसे स्वीकार करे।

200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जानकारी

सुकेश चंद्रशेखर, जो रोहिणी जेल में बंद था, ने फोन स्पूफिंग तकनीक का उपयोग करके एक जबरन वसूली रैकेट चलाया, जिसमें उसने पूर्व रैनबैक्सी के मालिक शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से 200 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की।
महिलाओं ने यह विश्वास किया कि वे अपने जेल में बंद पतियों के लिए जमानत सुनिश्चित करने के लिए करोड़ों रुपये चुका रही हैं, जबकि उन्हें यह नहीं पता था कि ये कॉल फर्जी थीं। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत एक मामला दर्ज किया।

जैकलीन फर्नांडीज का मामले से संबंध

मुंबई की पिंकी ईरानी, जो सुकेश चंद्रशेखर की करीबी सहयोगी थी, को बॉलीवुड हस्तियों को सुकेश से मिलवाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया, जिसमें जैकलीन फर्नांडीज भी शामिल थीं, जिसे उसने एक व्यवसायी के रूप में पेश किया। ED ने एक चार्जशीट दाखिल की जिसमें जैकलीन को आरोपी के रूप में सूचीबद्ध किया गया, यह आरोप लगाते हुए कि उसने अपराध की आय के रूप में करोड़ों रुपये के उपहार प्राप्त किए। जैकलीन ने लगातार यह कहा है कि वह सुकेश द्वारा धोखा दी गई थीं, जिसने खुद को सरकारी अधिकारी के रूप में पेश किया और उसे उसकी आपराधिक गतिविधियों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। दिल्ली उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय दोनों ने उसके खिलाफ कार्यवाही को रद्द करने से इनकार कर दिया है। पटियाला हाउस कोर्ट में ट्रायल जारी है।

सुकेश चंद्रशेखर मनी लॉन्ड्रिंग मामले का समयरेखा

2020: सुकेश चंद्रशेखर, रोहिणी जेल में बंद, अदिति सिंह, पूर्व रैनबैक्सी के मालिक शिविंदर सिंह की पत्नी को शीर्ष सरकारी अधिकारियों के रूप में पेश करते हुए स्पूफ कॉल करना शुरू करता है और उसके पति की रिहाई का वादा करता है। अगस्त 2021: अदिति सिंह दिल्ली पुलिस के आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराती है, जिससे सुकेश और अन्य के खिलाफ 200 करोड़ रुपये की जबरन वसूली के लिए FIR दर्ज होती है। 2021-2022: ED अपनी मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू करता है। सुकेश, उसकी पत्नी लीना मारिया पॉलोस और सहयोगियों को गिरफ्तार किया जाता है। पिंकी ईरानी, जिसने सुकेश को बॉलीवुड हस्तियों से मिलवाया, को भी गिरफ्तार किया जाता है। नवंबर 2022: पटियाला हाउस कोर्ट ने जैकलीन को PMLA मामले में जमानत दी। उसे ED की चार्जशीट में आरोपी के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, जिसमें आरोप है कि उसने अपराध की आय से करोड़ों रुपये के उपहार प्राप्त किए। जुलाई 2025: दिल्ली उच्च न्यायालय ने जैकलीन की FIR और चार्जशीट को रद्द करने की याचिका खारिज कर दी, जिससे ट्रायल जारी रहने की अनुमति मिली। सितंबर 2025: सर्वोच्च न्यायालय ने भी हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, उसे उचित समय पर अदालत का रुख करने के लिए कहा। अप्रैल 2026: जैकलीन पटियाला हाउस कोर्ट में पेश होती हैं और गवाह बनने की इच्छा व्यक्त करती हैं, जो इस लंबे समय से चल रहे मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।