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कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में आलिया भट्ट का जेंडर और कंटेंट पर बयान

कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में आलिया भट्ट ने भारतीय सिनेमा में जेंडर और कंटेंट के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल पुरुष दर्शकों की पसंद पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, हमें ऐसी फिल्में बनानी चाहिए जो सभी जेंडरों के लिए हों। आलिया ने हॉलीवुड की सफल फिल्मों का उदाहरण देते हुए भारतीय सिनेमा में महिलाओं के लिए अधिक फिल्में देखने की उम्मीद जताई। इस साल कांस में उनकी उपस्थिति भी चर्चा का विषय रही।
 

आलिया भट्ट का बड़ा बयान

बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री आलिया भट्ट ने कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में भारतीय सिनेमा के बारे में एक महत्वपूर्ण विचार साझा किया। उन्होंने कहा कि जेंडर से ज्यादा महत्वपूर्ण कंटेंट है।


सवाल का जवाब

कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में 'द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया' की पत्रकार अनुपमा चोपड़ा ने आलिया से पूछा कि भारतीय फिल्में अक्सर पुरुष दर्शकों के लिए क्यों बनाई जाती हैं। इस पर आलिया ने कहा कि भारत में बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के अनुसार, 75 प्रतिशत दर्शक पुरुष होते हैं, इसलिए उनकी पसंद को ध्यान में रखा जाता है। लेकिन, उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि महिलाओं का क्या?


कंटेंट पर जोर

आलिया ने कहा, "मैं यह नहीं कह रही कि पुरुषों को अलग किया जाए, लेकिन हमें किसी को भी अलग करने की आवश्यकता नहीं है। हमें केवल एक जेंडर के अनुसार फिल्में क्यों बनानी चाहिए? हमें ऐसी फिल्में बनानी चाहिए जो जेंडर से परे हों, जहां कहानी सबसे महत्वपूर्ण हो।"


हॉलीवुड की मिसाल

आलिया ने हॉलीवुड की कुछ सफल फिल्मों का उदाहरण देते हुए कहा, "जैसे 'बार्बी', 'वुदरिंग हाइट्स' और 'द डेविल वियर्स प्राडा'। ये फिल्में मुख्य रूप से महिलाओं के दर्शकों के लिए थीं। मुझे उम्मीद है कि भारतीय सिनेमा में भी ऐसी और फिल्में आएंगी।"


कांस में आलिया की उपस्थिति

आलिया भट्ट ने 2025 में अपने डेब्यू के बाद इस साल भी कांस फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने पीच कलर का बॉडी फिटेड गाउन पहना था और उनके खुले बाल और 168.27 कैरेट के गुलाबी मूंगे के हार की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। इस बार वह लोरियल पैरिस की ग्लोबल एंबेसेडर के रूप में रेड कार्पेट पर नजर आईं। आलिया जल्द ही 'अल्फा' और 'लव एंड वार' जैसी फिल्मों में दिखाई देंगी।