कंगना रनौत ने संसद में विरोध प्रदर्शन पर अपनी राय व्यक्त की
संसद का मानसून सत्र और कंगना का बयान
नई दिल्ली में 20 जुलाई, 2026 को संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ। जैसे-जैसे बाहर विरोध बढ़ा, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद कंगना रनौत ने विपक्ष की मांगों पर अपनी आलोचना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार को यह तय करने का अधिकार है कि किसे हटाना है और किसे रखना है, और प्रदर्शनकारी सरकार को अपने तरीके से चलाने के लिए 'दबाव' नहीं डाल सकते।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्य और उनके समर्थक संसद की ओर मार्च कर रहे थे। वे हाल ही में हुए NEET पेपर लीक और छात्रों की चिंताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। कई प्रदर्शनकारी दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर भूख हड़ताल पर थे।
कंगना रनौत का कहना है कि प्रदर्शनकारी सरकार को 'दबाव' नहीं डाल सकते
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन के बाद, कंगना ने चल रहे प्रदर्शनों और CJP की शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह सत्र इसलिए हो रहा है ताकि सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जा सके। उनका मानना है कि सरकार को अपनी सभी कार्रवाइयों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और सवाल उठाने का सही स्थान संसद है। हालांकि, यदि प्रदर्शनकारी हंगामा करते हैं, तो यह उचित नहीं है।
उन्होंने कहा, "आप सरकार पर यह तय करने के लिए दबाव नहीं डाल सकते कि किसे हटाना है और किसे रखना है। यह दबाव डालना सही नहीं है।" कंगना ने प्रदर्शनकारियों से राजनीति में शामिल होने की भी अपील की। "यह चुनी हुई सरकार का अधिकार है कि वह कैसे शासन करे। यदि आप इतनी गंभीरता से महसूस करते हैं, तो आपको खुद चुनाव में खड़ा होना चाहिए," कंगना ने कहा। 2024 में, कंगना को भाजपा ने आम चुनावों में अपना उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के अपने गृहनगर मंडी से चुनाव लड़ा।
कंगना रनौत का कार्यक्षेत्र
पिछले वर्ष, कंगना ने राजनीतिक नाटक इमरजेंसी में अभिनय, निर्माण और निर्देशन किया, जिसमें उन्होंने भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की भूमिका निभाई। इस वर्ष, उन्होंने भारत भाग्य विधाता नामक फीचर फिल्म का निर्माण और अभिनय किया, जो 2008 के आतंकवादी हमलों के दौरान मुंबई के कामा अस्पताल के नर्सों, डॉक्टरों और अन्य स्टाफ पर आधारित थी। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ सकी।