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कंगना रनौत ने अपने करियर के सफर और परिवार की सोच पर किया खुलासा

कंगना रनौत ने अपने करियर की शुरुआत से लेकर अब तक के सफर पर चर्चा की है। उन्होंने बताया कि कैसे उनके परिवार ने फिल्म इंडस्ट्री को लेकर नकारात्मक सोच रखी थी और उनके माता-पिता की प्रतिक्रियाओं ने उन्हें प्रभावित किया। कंगना ने यह भी साझा किया कि कैसे उन्होंने अपने माता-पिता की राय को नजरअंदाज करते हुए अपने करियर में आगे बढ़ने का निर्णय लिया। जानें उनके संघर्ष और सफलता की कहानी।
 

कंगना रनौत का बॉलीवुड सफर

कंगना रनौत ने जब फिल्म 'गैंगस्टर' से बॉलीवुड में कदम रखा, तो उन्हें एक नई और प्रतिभाशाली अभिनेत्री के रूप में देखा गया। इसके बाद, 'लाइफ इन अ... मेट्रो' जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को काफी सराहा गया। 'फैशन' में उनके बेहतरीन प्रदर्शन ने उन्हें इंडस्ट्री की शीर्ष अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया। फिर 'क्वीन' के साथ उन्होंने ऐसा कमाल किया कि उनकी पहचान केवल एक अच्छी अभिनेत्री के रूप में नहीं, बल्कि बॉलीवुड की सबसे प्रभावशाली कलाकारों में होने लगी।


महिला केंद्रित फिल्मों का चयन

कंगना ने 'क्वीन' की सफलता के बाद ज्यादातर ऐसी फिल्मों का चयन किया, जिनमें महिला किरदारों की कहानी प्रमुख हो। वह ऐसे रोल करना चाहती थीं जिनमें उनके पात्र की पहचान, सोच और मजबूत उपस्थिति हो। इनमें से कुछ फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया और आलोचकों की प्रशंसा भी प्राप्त की, जबकि कई फिल्में दर्शकों को प्रभावित नहीं कर सकीं.


कंगना का परिवार और फिल्म इंडस्ट्री

कंगना ने अपनी आने वाली फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' के प्रमोशन के दौरान एक इंटरव्यू में सह-कलाकार गिरिजा ओक और स्मिता तांबे के साथ पुरस्कारों और पहचान की अहमियत पर चर्चा की। उन्होंने कहा, "अवॉर्ड्स मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि मैं जिस माहौल से आई हूं, वह काफी अलग था। मेरा जन्म एक छोटे से गांव में हुआ और मेरे परिवार में फिल्मों को अच्छी नजर से नहीं देखा जाता था।"


उन्होंने आगे बताया कि उनके माता-पिता फिल्मी खबरों को नकारात्मक रूप से देखते थे। कंगना ने कहा, "1990 के दशक और 2000 के शुरुआती सालों में फिल्म इंडस्ट्री की छवि अक्सर नकारात्मक होती थी, जिससे मेरे परिवार के लिए मेरे करियर का चुनाव स्वीकार करना मुश्किल हो गया था।"


माता-पिता की प्रतिक्रिया

कंगना ने याद किया कि 'गैंगस्टर' देखने के बाद उनके माता-पिता की प्रतिक्रिया ने उन्हें दुखी किया। उन्होंने कहा, "मेरे पिता का कोई रिएक्शन नहीं था, जबकि मेरी मां ने कहा कि हमारा समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा।"


उन्होंने यह भी कहा, "मैंने उसी दिन तय कर लिया था कि मैं अपने माता-पिता की राय को गंभीरता से नहीं लूंगी। लेकिन जब अमिताभ बच्चन ने मुझे एक पत्र लिखकर मेरी एक्टिंग की तारीफ की, तो मुझे समझ आया कि मेरे पिता कभी भी मेरे काम को उनके नजरिए से नहीं देख पाएंगे।"