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इंदौर का खजराना गणेश मंदिर: आस्था और इतिहास का संगम

इंदौर का खजराना गणेश मंदिर एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहाँ भक्त अपनी इच्छाएँ पूरी करने के लिए आते हैं। इस मंदिर का इतिहास और इसकी विशेषताएँ इसे खास बनाती हैं। जानें इस मंदिर के बारे में और कैसे पहुँचें।
 

गणेश उत्सव की धूम


इन दिनों गणेश उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। हर घर में भगवान गणेश की मूर्तियाँ स्थापित की जा रही हैं। भक्त अपने प्रिय भोग तैयार कर उन्हें अर्पित करते हैं और गणेश मंदिरों में जाकर प्रार्थना करते हैं। भारत में भगवान गणेश के कई मंदिर हैं, जो किसी न किसी विशेषता के लिए जाने जाते हैं। मध्य प्रदेश की बात करें तो यह राज्य अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।


खजराना गणेश मंदिर का महत्व

इंदौर में स्थित एक ऐसा ही मंदिर खजराना गणेश मंदिर है। यह मंदिर भगवान गणेश को समर्पित है। यहां आने वाले भक्तों की सच्ची श्रद्धा से उनकी सभी इच्छाएँ पूरी होती हैं। आज के लेख में हम इस मंदिर के इतिहास और इसकी विशेषताओं के बारे में चर्चा करेंगे।


खजराना गणेश मंदिर का इतिहास

इंदौर शहर और आस-पास के क्षेत्रों के लोग खजराना गणेश मंदिर में गहरी आस्था रखते हैं। इस मंदिर का निर्माण बहादुर मराठा रानी अहिल्याबाई होल्कर ने किया था। यह हिंदुओं के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल माना जाता है। इस मंदिर में बुधवार और रविवार को सबसे अधिक भीड़ होती है। ऐसा माना जाता है कि यहां पूजा करने से भक्तों की सभी इच्छाएँ पूरी होती हैं।


1735 में स्थापित मूर्ति

मंदिर में विनायक चतुर्थी का उत्सव देखने लायक होता है। इसे हर साल अगस्त और सितंबर में धूमधाम से मनाया जाता है। कहा जाता है कि औरंगजेब से भगवान गणेश की मूर्ति को बचाने के लिए इसे एक कुएँ में छिपा दिया गया था। बाद में 1735 में, अहिल्याबाई होल्कर ने इसे बाहर निकाला और यहां मंदिर का निर्माण किया। प्रारंभ में यह मंदिर एक छोटे से झोपड़े जैसा था, लेकिन अब यह एक भव्य मंदिर बन चुका है।


मंदिर की विशेषताएँ

यहां लोग भगवान गणेश को सोने, हीरे और कीमती रत्नों का भोग अर्पित करते हैं। मंदिर की बाहरी दीवारें और गर्भगृह की दीवारें चांदी से बनी हैं, जिन पर कई त्योहारों के दृश्य उकेरे गए हैं। भगवान गणेश की आँखें हीरे से बनी हैं, जो इंदौर के एक व्यापारी द्वारा भेंट की गई थीं।


मंदिर में अन्य देवी-देवताओं की उपस्थिति

इस मंदिर में स्थापित भगवान गणेश की मूर्ति राम भक्त हनुमान जी की तरह पूरी लाल है। यहां माँ दुर्गा, शिवलिंग, हनुमान जी और माँ लक्ष्मी का भी मंदिर है। इसके अलावा, माँ गंगा की मूर्ति भी मौजूद है। यहां बड़ी संख्या में भक्त आते हैं और उनकी इच्छाएँ पूरी होती हैं। कहा जाता है कि यहां पूजा करने के बाद भक्त मंदिर की दीवार पर उल्टा स्वस्तिक बनाते हैं।


खजराना गणेश मंदिर कैसे पहुँचें?

हवाई मार्ग से - यहां पहुँचने के लिए निकटतम हवाई अड्डा देवी अहिल्या अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, इंदौर है।

रेल मार्ग से - इंदौर रेलवे स्टेशन देश के बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है। रेलवे स्टेशन से मंदिर की दूरी लगभग 5 किमी है।

सड़क मार्ग से - भोपाल, दिल्ली, मुंबई, पुणे, लखनऊ जैसे बड़े शहरों से बसें उपलब्ध हैं। शहर में दो बस स्टैंड हैं- सर्वते बस स्टैंड और गंगवाल बस स्टैंड। इंदौर पहुँचने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग NH-3 और NH-59A के माध्यम से आसानी से पहुँच सकते हैं।


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