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अनुपम खेर और किरण खेर की प्रेम कहानी: दोस्ती से विवाह तक का सफर

अनुपम खेर और किरण खेर की प्रेम कहानी एक दिलचस्प सफर है, जो दोस्ती से शुरू होकर विवाह तक पहुंची। अनुपम ने अपने शुरुआती दिनों की यादें साझा की हैं, जिसमें उनकी दोस्ती और बाद में प्यार में बदलने की कहानी शामिल है। उन्होंने बताया कि कैसे कठिनाइयों के समय में दोनों एक-दूसरे के करीब आए और अंततः 1985 में शादी कर ली। इस लेख में उनकी शादी को मजबूत बनाए रखने के उपायों और बच्चों के बारे में अनुपम की सोच पर भी चर्चा की गई है।
 

अनुपम और किरण का प्रारंभिक रिश्ता

अनुपम खेर और किरण खेर के बीच का रिश्ता प्यार से शुरू हुआ था, जो पहले दोस्ती के रूप में विकसित हुआ। हाल ही में अनुपम ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह किरण से शादी करेंगे, जबकि दोनों कई वर्षों तक अच्छे दोस्त रहे और अंततः 1985 में विवाह बंधन में बंध गए।


दोस्ती की शुरुआत

एक मीडिया चैनल से बातचीत में अनुपम ने अपनी दोस्ती और किरण के प्रति अपनी पहली राय साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी पहली मुलाकात चंडीगढ़ के भारतीय नाट्य विभाग में हुई थी, जहां किरण पहले से ही छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय थीं।


अनुपम ने कहा, 'किरण मुझसे एक साल बड़ी थीं और वह एक स्टार थीं। उन्होंने अपनी बहन के साथ भारत के लिए बैडमिंटन खेला है और इंग्लिश नाटकों में भी काम किया है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि हमारे बीच कुछ होगा, लेकिन उनका दिल बहुत बड़ा था।'


मुंबई में दोस्ती का सफर

जब अनुपम मुंबई आए, तब भी उनकी दोस्ती बनी रही। उस समय किरण की शादी बिजनेसमैन गौतम बेरी से हो चुकी थी, जबकि अनुपम फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।


अनुपम ने एक मजेदार किस्सा साझा करते हुए कहा, 'जब मैं मुंबई आया, तब किरण की शादी हो चुकी थी। मैं और सतीश कौशिक उनके घर जाते थे और कहते थे कि हम तभी आएंगे जब आप हमें टैक्सी का किराया देंगी। फिर हम टैक्सी का पैसा लेकर बस से सफर करते थे ताकि पूरे हफ्ते गुजारा कर सकें।'


दोस्ती से प्यार में परिवर्तन

अनुपम के अनुसार, उनका रिश्ता लंबे समय तक दोस्ती तक सीमित रहा। लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें एक-दूसरे के करीब ला दिया। उन्होंने कहा, 'किरण लंबे समय तक मेरी सिर्फ दोस्त थीं। फिर ऐसा समय आया जब मैं ब्रेकअप से गुजर रहा था और वह भी अपनी शादी में कठिनाइयों का सामना कर रही थीं। वहीं से हमारी जिंदगी बदल गई।'


उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी ने उनसे कहा होता कि वह एक दिन किरण से शादी करेंगे, तो वह विश्वास नहीं करते। उन्होंने कहा, 'उससे पहले मेरी गर्लफ्रेंड के खत भी किरण के घर आते थे। इसलिए मैं कहता हूं कि कुछ भी हो सकता है। मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि एक दिन हम प्यार में पड़ जाएंगे और शादी कर लेंगे। अब हमारी शादी को 41 साल हो चुके हैं।'


शादी को मजबूत बनाए रखने के उपाय

एक पुराने इंटरव्यू में अनुपम ने बताया कि 40 साल की शादी के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज परस्पर सम्मान है। उन्होंने कहा, '40 साल की शादी में हमेशा सब कुछ अच्छा नहीं होता। निराशाएं भी आती हैं। मेरे माता-पिता की शादी 59 साल चली, लेकिन वह परफेक्ट नहीं थी। किसी भी शादी की सबसे बड़ी खूबसूरती एक-दूसरे के लिए सम्मान है।'


उन्होंने यह भी बताया कि उनके और किरण के बीच कभी पारंपरिक पति-पत्नी जैसा रिश्ता नहीं रहा। उन्होंने कहा, 'हमारे बीच 'आप' जैसा कुछ नहीं है। हम बराबरी से रहते हैं। हमारे घर में कोई फिल्मी माहौल नहीं है। किरण बहुत मजेदार हैं। जानबूझकर नहीं, लेकिन मुझे वह बेहद फनी लगती हैं।'


बच्चों के बारे में अनुपम खेर की सोच

पत्रकार शुभंकर मिश्रा से बातचीत में अनुपम ने स्वीकार किया कि पिछले कुछ वर्षों में कभी-कभी उन्हें यह ख्याल आता है कि अगर उनका और किरण का बच्चा होता तो कैसा होता। उन्होंने कहा, 'पहले मुझे ऐसा ज्यादा महसूस नहीं होता था, लेकिन पिछले सात-आठ सालों में कभी-कभी लगता है। ऐसा नहीं है कि मैं सिकंदर से खुश नहीं हूं, लेकिन बच्चे को बड़ा होते देखना एक अलग खुशी होती है।'