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मुख्यमंत्रियों की चुनावी किस्मत: सीटों पर चल रहा है कड़ा मुकाबला

हाल के विधानसभा चुनावों के परिणामों ने चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों की राजनीतिक किस्मत को प्रभावित किया है। ममता बनर्जी, हिमंता बिस्व सरमा, एमके स्टालिन, पिनराई विजयन और एन रंगासामी की सीटों की स्थिति पर नजर है। जानें कौन नेता जीत रहा है और किसकी हार तय है। इस चुनावी मुकाबले में हर सीट की अहमियत है, जो भविष्य की राजनीति को आकार दे सकती है।
 

मुख्यमंत्रियों की चुनावी स्थिति पर नजर

हाल ही में चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों पर सभी की निगाहें उन सीटों पर टिकी हुई हैं, जहां से मुख्यमंत्री चुनावी मैदान में हैं। प्रारंभिक रुझानों के अनुसार, इन नेताओं की सीटों की स्थिति क्या है, कौन आगे है और कौन पीछे, यह सवाल हर किसी के मन में है। इन चुनावों में पांच मुख्यमंत्रियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि इस चुनाव में मिली हार या जीत उनके राजनीतिक भविष्य को प्रभावित कर सकती है.


मुख्यमंत्रियों की चुनावी सीटों का हाल

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर से चुनाव लड़ रही हैं। उनके खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने सुवेंदु अधिकारी को मैदान में उतारा है, जिन्होंने पहले नंदीग्राम में ममता को हराया था। वर्तमान में, सुवेंदु आगे चल रहे हैं, जिससे ममता की सीट गंवाने की संभावना बढ़ गई है.


असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा जालुकबाड़ी विधानसभा सीट से चुनावी दौड़ में हैं। वह कांग्रेस की बिदिशा नियोग को आसानी से हराते हुए जीतते नजर आ रहे हैं.


तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को कोलाथुर विधानसभा सीट पर हार का सामना करना पड़ रहा है। वह तमिलगा वेत्री कझगम के वीएस बाबू से पीछे चल रहे हैं.


केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन भी अपनी सीट गंवाने की स्थिति में हैं। CPI (M) के लिए यह एक बड़ी हार साबित हो सकती है, क्योंकि उन्हें कांग्रेस के वीपी अब्दुल रशीद से हार का सामना करना पड़ रहा है.


पुडुचेरी की मुख्यमंत्री एन रंगासामी थट्टांचवडी विधानसभा सीट से जीतते हुए नजर आ रहे हैं। वह ऑल इंडिया एन आर कांग्रेस के उम्मीदवार हैं और नेयम मक्कल कझगम के ई विनयगम को पीछे छोड़ने में सफल रहे हैं.