मनोज तिवारी ने TMC पर लगाए गंभीर आरोप, राजनीति से लिया एक नया मोड़
मनोज तिवारी के आरोप
प्रसिद्ध क्रिकेटर और पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री रह चुके मनोज तिवारी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि TMC की हार के बाद, यह पार्टी अब समाप्त हो चुकी है। इस बार उन्हें विधानसभा चुनाव के लिए टिकट नहीं दिया गया, जिसके पीछे उन्होंने 5 करोड़ रुपये की मांग का आरोप लगाया। जब वह पैसे नहीं दे पाए, तो उन्हें टिकट से वंचित कर दिया गया। 2021 में, तिवारी ने TMC के टिकट पर शिबपुर विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी और उन्हें राज्य में राज्यमंत्री बनाया गया था।
डॉ. राणा चटर्जी का टिकट
TMC ने मनोज तिवारी की जगह डॉ. राणा चटर्जी को टिकट दिया, जिन्हें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के रुद्रनील घोष ने हराया। 40 वर्षीय पूर्व बल्लेबाज, जो बंगाल क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं, ने अपने आरोपों से राजनीतिक हलचल मचा दी है। तिवारी ने यह भी कहा कि अरूप बिस्वास उन्हें असुरक्षित महसूस करते थे, इसलिए उन्हें मंत्रालय के कार्यों से दूर रखा गया।
मनोज तिवारी का इंटरव्यू
मनोज तिवारी ने एक इंटरव्यू में कहा, 'इस हार से मुझे कोई आश्चर्य नहीं हुआ। जब पूरी पार्टी भ्रष्टाचार में लिप्त हो, तो ऐसा होना स्वाभाविक है। केवल वही लोग टिकट खरीद सकते थे, जो पैसे दे सकते थे। इस बार 70 से 72 उम्मीदवारों ने टिकट पाने के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये दिए। मैंने पैसे देने से मना कर दिया।' उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए TMC का अध्याय अब समाप्त हो चुका है।
राजनीति में आने का इरादा नहीं था
मनोज तिवारी ने कहा कि उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं था, भले ही 2019 में TMC ने उन्हें लोकसभा का टिकट देने की पेशकश की थी। उन्होंने 2021 में शिबपुर से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। तिवारी ने कहा, 'मैं उस समय आईपीएल में खेल रहा था और रणजी ट्रॉफी में खेलने को लेकर गंभीर था।'
TMC में आंतरिक लोकतंत्र की कमी
तिवारी ने आरोप लगाया कि TMC में आंतरिक लोकतंत्र की कमी है। उन्होंने कहा, 'मैंने ऐसी बैठकों में हिस्सा लिया है जहां सभी मंत्रियों को बुलाया जाता था, लेकिन मुझे केवल एक 'लॉलीपॉप' दिया गया। जब मैंने किसी समस्या पर ध्यान दिलाने की कोशिश की, तो दीदी ने मुझे रोक दिया।' उन्होंने हावड़ा जिले में सीवेज और ड्रेनेज प्रणाली की समस्याओं का भी जिक्र किया।
वसूली के आरोपों पर प्रतिक्रिया
मनोज तिवारी ने कहा कि उन पर जबरन वसूली के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास 20 करोड़ रुपये नकद हैं, जो उन्होंने अपने क्रिकेट करियर से कमाए हैं। उन्होंने कहा, 'मुझ पर झूठे आरोप लगाए गए हैं।'
अरूप बिस्वास के साथ अनुभव
तिवारी ने अरूप बिस्वास के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें अपने मंत्री पद के कर्तव्यों को निभाने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा, 'अरूप दा खेल के बारे में कुछ नहीं जानते।'
मेस्सी के कार्यक्रम में न भाग लेने की खुशी
मनोज तिवारी ने कहा कि वह कोलकाता में लियोनेल मेस्सी के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने को लेकर खुश हैं, जो अंततः एक 'बड़ी गड़बड़' साबित हुआ। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के कारण स्टेडियम में तोड़फोड़ हुई।
भविष्य की योजनाएं
मनोज तिवारी ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की लेवल 2 की कोच परीक्षा पास की है और वह बंगाल की रणजी टीम के मुख्य कोच बनना चाहते हैं।