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पूर्व बर्धमान: ऐतिहासिक और कृषि समृद्ध जिला

पूर्व बर्धमान, पश्चिम बंगाल का एक ऐतिहासिक और कृषि समृद्ध जिला है, जो 2017 में पुराने बर्धमान से अलग हुआ। यह क्षेत्र धान की खेती के लिए प्रसिद्ध है और यहां की संस्कृति में हिंदू और मुस्लिम आबादी का समावेश है। जिले का इतिहास मौर्य साम्राज्य से लेकर मुस्लिम आक्रमणों तक फैला हुआ है। 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने सभी सीटों पर जीत हासिल की थी। जानें इस जिले के बारे में और अधिक जानकारी।
 

पूर्व बर्धमान का परिचय

पूर्व बर्धमान पश्चिम बंगाल के 23 जिलों में से एक है, जिसका मुख्यालय बर्धमान शहर में स्थित है। 2017 में, पुराने बर्धमान जिले को दो भागों में विभाजित किया गया, जिससे पश्चिम बर्धमान का निर्माण हुआ। यह जिला ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और कृषि के दृष्टिकोण से अत्यंत समृद्ध है। पूर्व बर्धमान की सीमाएं छह जिलों से मिलती हैं, जिनमें हुगली, बांकुरा, पश्चिम बर्धमान, बीरभूम, मुर्शिदाबाद और नदिया शामिल हैं.


इतिहास की झलक

यह क्षेत्र पहले 'रार्ह क्षेत्र' का हिस्सा था, जो मध्यकाल में मुगलों के अधीन था। मुगलों की शक्ति में कमी आने के बाद, यह ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के नियंत्रण में आ गया। बर्दवान का अर्थ है खुशहाली का विकास केंद्र, जो ऊपरी गंगा घाटी में आर्यनीकरण के विकास का प्रतीक माना जाता है.


कृषि का केंद्र

पूर्व बर्धमान को पश्चिम बंगाल का धान का कटोरा कहा जाता है, जहां धान मुख्य फसल है। इसके अलावा, आलू और गेहूं की भी अच्छी पैदावार होती है। यहां की उपजाऊ मिट्टी और नहर सिंचाई प्रणाली कृषि को मजबूत बनाती है। इस जिले की अर्थव्यवस्था कृषि के साथ-साथ छोटे उद्यमों पर भी निर्भर करती है.


बर्धमान का पुराना इतिहास

बर्धमान का इतिहास 6वीं सदी के शिलालेखों से जुड़ा है, जो इसे एक प्रसिद्ध भुक्ति के रूप में दर्शाते हैं। यह क्षेत्र मौर्य साम्राज्य का हिस्सा रहा और बाद में वर्मन वंश के अधीन आया। मुस्लिम आक्रमणों से पहले, गोपभूम के सद्गोप वंश ने यहां शासन किया.


तहसील और ब्लॉक

पूर्व बर्धमान में चार उप-डिवीजन हैं: बर्धमान सदर (उत्तर), बर्धमान सदर (दक्षिण), कटवा, और कालना। जिले में कुल 8 ब्लॉक हैं, जिनमें ऑसग्राम, गलसी, खंडघोष, बर्दवान, भतार, और अन्य शामिल हैं.


विधानसभा सीटें

पूर्व बर्धमान में 15 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें खंडघोष (एससी), बर्धमान दक्षिण, रैना (एससी), जमालपुर (एससी) और अन्य शामिल हैं। 2021 के चुनाव में, तृणमूल कांग्रेस ने सभी सीटों पर जीत हासिल की थी.


आबादी और संस्कृति

पूर्व बर्धमान में हिंदू और मुस्लिम आबादी का मिश्रण है, जहां 73.75% हिंदू और 25.14% मुस्लिम हैं। यहां की अधिकांश जनसंख्या बंगाली भाषा बोलती है, जबकि संथाली और हिंदी भी बोली जाती हैं.


धार्मिक स्थल

इस जिले में सर्वमंगला मंदिर, राजबाड़ी परिसर कलना और टेराकोटा मंदिर जैसे धार्मिक स्थल हैं। दुर्गा पूजा यहां धूमधाम से मनाई जाती है.


सामाजिक ताना बाना

2011 की जनगणना के अनुसार, पूर्व बर्धमान की कुल जनसंख्या 4,835,532 है, जिसमें 51.07% पुरुष और 48.93% महिलाएं हैं.


राजनीतिक परिदृश्य

2021 के विधानसभा चुनाव में, तृणमूल कांग्रेस ने सभी 15 सीटों पर जीत हासिल की थी। बीजेपी के लिए यहां टीएमसी को हराना चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि टीएमसी ने लगातार लोकसभा चुनावों में जीत दर्ज की है.


जिले की स्थिति

क्षेत्रफल: 5432.69 वर्ग किलोमीटर
साक्षरता दर: 75.48%
विधानसभा सीटें: 15
उप-मंडल: 04
नगर पालिका: 3
नगर निगम: 1
ब्लॉक: 23
ग्राम पंचायत: 215