पश्चिम बंगाल में चुनावी विवाद: आईपीएस अजय पाल शर्मा की चेतावनी पर तृणमूल कांग्रेस की प्रतिक्रिया
चुनाव आयोग ने अजय पाल शर्मा को भेजा ऑब्जर्वर
उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में ऑब्जर्वर के रूप में नियुक्त किया है। उन्हें साउथ 24 परगना के पुलिस ऑब्जर्वर के तौर पर तैनात किया गया है, जिससे विवाद उत्पन्न हो गया है। यह क्षेत्र टीएमसी के जनरल सेक्रेटरी अभिषेक बनर्जी का गढ़ माना जाता है। अजय पाल शर्मा ने टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर खान को चेतावनी दी है कि यदि जनता को धमकाया गया, तो परिणाम गंभीर होंगे। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
वीडियो में अजय पाल शर्मा की चेतावनी
एक वायरल वीडियो में, आईपीएस अजय पाल शर्मा ने कहा, 'अगर धमकाने की घटनाएं जारी रहीं, तो हम उचित कार्रवाई करेंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि जहांगीर खान के घर वाले भी इस बात को समझ लें। स्थानीय लोगों ने जहांगीर खान पर डराने-धमकाने के आरोप लगाए हैं।
टीएमसी का आरोप
तृणमूल कांग्रेस ने अजय पाल शर्मा के इस वीडियो पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि प्रशासन और पुलिस के माध्यम से उनके उम्मीदवार को डराया जा रहा है। टीएमसी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अजय पाल शर्मा को चुनाव आयोग ने साउथ 24 परगना के लिए भेजा है, जो कि योगी आदित्यनाथ के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट हैं।
अजय पाल शर्मा पर लगे गंभीर आरोप
टीएमसी ने कहा कि जनवरी 2020 में अजय पाल शर्मा को रामपुर जिले से एसपी के पद से हटा दिया गया था। उन्हें कैश-फॉर-पोस्टिंग रैकेट में शामिल होने के आरोप में जांच का सामना करना पड़ा था।
टीएमसी की चेतावनी
टीएमसी ने अजय पाल शर्मा को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने अपने दायित्व से हटकर कोई कार्रवाई की, तो उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी अजय पाल शर्मा के वीडियो को साझा करते हुए कहा कि वह बीजेपी के एजेंट हैं और लोकतंत्र के अपराधियों को समय आने पर बख्शा नहीं जाएगा।