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पश्चिम बंगाल चुनाव: साइलेंट पीरियड में दिलीप घोष का बयान और राजनीतिक तनाव

पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार समाप्त हो चुका है, और दिलीप घोष ने साइलेंट पीरियड के दौरान अपनी पार्टी की स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि बीजेपी किसी भी प्रकार का हमला नहीं कर रही है और 4 मई के बाद कार्रवाई की जाएगी। पहले चरण में उच्च मतदान के बाद, दूसरे चरण के मतदान की तैयारी चल रही है। जानें इस चुनावी माहौल में क्या हो रहा है और साइलेंट पीरियड के नियमों का क्या महत्व है।
 

चुनाव प्रचार का समापन

पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से एक दिन पहले, 27 अप्रैल की शाम को चुनाव प्रचार औपचारिक रूप से समाप्त हो गया। 28 अप्रैल को साइलेंट पीरियड है, जिसमें किसी भी प्रकार का प्रचार करना मना है। सोमवार को दोनों पक्षों के बीच तीखी बयानबाजी, कुछ स्थानों पर कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें और पुलिस की कार्रवाई की खबरें आईं। इस साइलेंट पीरियड में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता दिलीप घोष ने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी प्रकार का हमला नहीं कर रही है, और यदि ऐसा करना होता तो कई स्थानों पर कर सकते थे। उन्होंने यह भी कहा कि अब जो कुछ भी होगा, वह 4 मई के बाद शुरू होगा।


पहले चरण की वोटिंग

पहले चरण में बंगाल की 152 सीटों पर 93 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ है। बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) दोनों इसे अपनी जीत के रूप में देख रहे हैं। दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। यह माना जा रहा है कि दक्षिण बंगाल की सीटों पर TMC की स्थिति मजबूत है, क्योंकि इस क्षेत्र में टीएमसी ने लगातार चुनाव जीते हैं।


दिलीप घोष का बयान

जब दिलीप घोष से TMC सांसद मिताली बाग की कार पर हमले के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'ममता बनर्जी का गढ़ भवानीपुर है और इसे जीतने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है, लेकिन इससे कुछ नहीं होगा। लोग अब बदलाव चाहते हैं। ये सब सहानुभूति पैदा करने के लिए किया जा रहा है। अगर हमला करना होता तो हम कई जगह कर सकते थे, लेकिन हम नहीं चाहते कि ऐसा हो। लोग वोट डालने के लिए बाहर आएं, तभी परिवर्तन होगा।'



उन्होंने आगे कहा, 'हमने अभी तक कुछ नहीं किया है, जो करना है वह 4 मई के बाद होगा। जो कुछ भी चल रहा है, वह 4 मई को समाप्त हो जाएगा। इस बार किसी को भी बवाल करने की हिम्मत नहीं होगी। लोग भी ऐसा नहीं चाहते। जो लोग ऐसा कर रहे हैं, वे अंदर हैं या फिर अंदर जाएंगे। जैसा कि जहांगीर के घर के सामने अधिकारी ने कहा, उसी भाषा में बात की जाएगी। 4 तारीख के बाद केवल मुंह नहीं चलेगा, कुछ और भी होगा। बैरकपुर में रोज गोलीबारी होती है, लेकिन चुनाव के दिन कोई आवाज नहीं आएगी। अगर आवाज आएगी, तो वह लाठी की होगी।'


चुनाव प्रचार का अंतिम दिन

चुनाव प्रचार के अंतिम दिन, नॉर्थ परगना में पुलिस स्टेशन के सामने TMC और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। बीजेपी विधायक पवन कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि उनके घर पर गोलीबारी की गई, जिसमें CISF के एक जवान को भी गोली लगी। वहीं, TMC सांसद मिताली बाग की कार पर हमले को लेकर अभिषेक बनर्जी ने कहा कि बीजेपी ने खेल शुरू किया है, जिसे TMC 4 मई को समाप्त करेगी।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी अंतिम रैली में कहा कि TMC का जाना तय है और बीजेपी की सरकार बनेगी। उन्होंने बांग्ला में एक पत्र लिखकर लोगों से अपील की कि वे बीजेपी को मौका दें।


साइलेंट पीरियड का महत्व

चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद, साइलेंट पीरियड के दौरान कोई भी चुनाव प्रचार नहीं किया जा सकता है, और न ही किसी प्रकार का सर्वेक्षण या प्री-पोल/एग्जिट पोल दिखाया जा सकता है। नियमों के अनुसार, मतदाताओं को प्रभावित करने वाली किसी भी चुनाव सामग्री का उपयोग राजनीतिक दलों द्वारा नहीं किया जा सकता है। यदि कोई इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।