दिल्ली से वाराणसी के बीच हाईस्पीड ट्रेन परियोजना में नया मोड़
दिल्ली और वाराणसी के बीच हाईस्पीड ट्रेन का विकास
Delhi/Uttar Pradesh News: दिल्ली से वाराणसी के बीच प्रस्तावित हाईस्पीड (बुलेट) ट्रेन परियोजना में एक महत्वपूर्ण अपडेट आया है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को इस ट्रेन से जोड़ने के लिए आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर आवासीय और व्यावसायिक विकास की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए नेशनल हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने मास्टर प्लान पर कार्य शुरू कर दिया है.
यमुना एक्सप्रेसवे पर स्टेशन का विकास
परियोजना के तहत, यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे मथुरा (यीडा क्षेत्र) में प्रस्तावित स्टेशन के लिए 100 से 200 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। NHSRCL द्वारा चयनित एजेंसी के अधिकारियों ने यमुना विकास प्राधिकरण (YEIDA) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में स्टेशन के आसपास रियल स्टेट डेवलपमेंट का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें बहुमंजिला आवासीय परियोजनाएं, होटल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और ऑफिस स्पेस शामिल हैं। इससे न केवल स्टेशन के पास विकास होगा, बल्कि परियोजना के खर्च को भी संतुलित करने में मदद मिलेगी.
दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट की यात्रा
दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट सिर्फ 21 मिनट में
इस हाईस्पीड ट्रेन परियोजना के शुरू होने से दिल्ली के सराय काले खां से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की 70 किलोमीटर की दूरी महज 21 मिनट में तय की जा सकेगी। रेलवे ट्रैक नोएडा और ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के बीच से गुजरेगा और पूरी तरह से एलिवेटेड होगा। यह 800 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक दिल्ली से शुरू होकर नोएडा सेक्टर-148, नोएडा एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, इटावा, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदौही, अयोध्या होते हुए वाराणसी तक जाएगा.
हवाई अड्डा और बुलेट ट्रेन का संबंध
बुलेट ट्रेन से जुड़ने वाला देश का पहला हवाई अड्डा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का पहला अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने जा रहा है, जो सीधे हाईस्पीड बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जुड़ेगा। एयरपोर्ट के ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर (जीटीसी) में एक अंडरग्राउंड स्टेशन बनाया जाएगा। इसके अलावा, यह एयरपोर्ट मेट्रो, नमो भारत (आरआरटीएस), दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, यमुना और गंगा एक्सप्रेसवे समेत कई बड़े नेशनल हाईवे से भी सीधे जुड़ जाएगा.
आसानी से धार्मिक स्थलों की यात्रा
मिनटों में होंगे बांके बिहारी और ताजमहल के दर्शन
मथुरा के इटौली गांव में इस हाईस्पीड ट्रेन का स्टेशन प्रस्तावित है, जबकि आगरा के ऐत्मादपुर में भी एक स्टेशन बनाया जाएगा। मथुरा में स्टेशन बनने से यमुना प्राधिकरण द्वारा विकसित की जा रही ‘हेरिटेज सिटी’ को सीधा लाभ मिलेगा। इसके बाद दिल्ली-एनसीआर के लोग मिनटों में वृंदावन पहुंचकर ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन कर सकेंगे और आगरा में ताजमहल का दीदार भी बेहद आसान हो जाएगा.
बुनियादी सुविधाओं की तैयारी
बुनियादी सुविधाओं की रिपोर्ट तैयार
यीडा के अधिकारियों ने ट्रैक और स्टेशनों के आसपास बिछी बिजली, पानी और गैस पाइपलाइनों की विस्तृत रिपोर्ट छह जिलों (गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस और आगरा) के प्रशासन से मांगी है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो.
निवेश और रोजगार के अवसर
शैलेंद्र भाटिया (एसीईओ, यीडा) ने बताया कि मथुरा में स्टेशन के पास आवासीय और व्यावसायिक विकास होने से क्षेत्र में निवेश और रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे। जमीन की मांग को लेकर एजेंसी के प्रतिनिधियों से बातचीत हुई है। जल्द ही अगली बैठक में इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.