तीन राज्यों में विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदान
बंपर वोटिंग का अनुभव
तीन राज्यों में विधानसभा चुनावों के दौरान अभूतपूर्व मतदान देखने को मिला। असम में पिछले चुनाव की तुलना में 3.17 प्रतिशत अधिक वोटिंग हुई। वहीं, केरल में इस बार 77.45 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि पिछले चुनाव में यह आंकड़ा 74.06 प्रतिशत था। पुडुचेरी ने बंपर वोटिंग के मामले में सबसे आगे रहते हुए सभी 30 सीटों पर 86.93 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया। मतदान समाप्त होने के बाद, तीनों राज्यों में कुल 1849 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है। नतीजे चार मई को पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के साथ घोषित किए जाएंगे.
केरल में मतदान का नया रिकॉर्ड
गुरुवार को केरल की सभी 140 विधानसभा सीटों पर शाम छह बजे मतदान प्रक्रिया समाप्त हुई। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा शाम 7 बजे जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में 77.45 प्रतिशत मतदान हुआ। 2021 में यह आंकड़ा 74.06 प्रतिशत था। अधिकांश स्थानों पर मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही, हालांकि दो पोलिंग बूथों पर ईवीएम में तकनीकी समस्याओं के कारण मतदान में लगभग 30 मिनट की देरी हुई।
केरल में मुख्य मुकाबला कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ, बीजेपी के एनडीएफ और सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले एलडीएफ के बीच है। एलडीएफ लगातार तीसरी बार जीतने की कोशिश कर रहा है, जबकि यूडीएफ एक दशक से सत्ता की प्रतीक्षा कर रहा है। बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए का ग्राफ बढ़ रहा है, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कन्नूर जिले के एक मतदान केंद्र पर वोट डाला और कहा कि यह चुनाव केरल के विकास की दिशा तय करेगा।
असम में अल्पसंख्यक सीटों पर उच्च मतदान
असम की सभी 126 विधानसभा सीटों पर मतदान शाम 5 बजे समाप्त हुआ। इस बार 2021 की तुलना में अधिक मतदान हुआ, जहां 2021 में 82.04 प्रतिशत वोटिंग हुई थी, अब यह आंकड़ा 85.21 प्रतिशत तक पहुंच गया है। अधिकारियों का कहना है कि मतदान का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है, क्योंकि शाम पांच बजे बूथ में घुसे मतदाताओं की गणना अभी बाकी है।
असम की 16 अल्पसंख्यक बहुल सीटों पर 90 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ। इसके अलावा, 83 सीटों पर 80-89 प्रतिशत और अन्य विधानसभा क्षेत्रों में 70-79 प्रतिशत मतदान हुआ। दलगांव विधानसभा सीट पर 95.53 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि न्यू गुवाहाटी विधानसभा में सबसे कम 72.05 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
असम में मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच है। कुल 722 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है, और 4 मई को परिणाम घोषित होंगे। बीजेपी लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस वापसी की उम्मीद कर रही है।
पुडुचेरी में मतदान का उत्साह
पुडुचेरी की सभी 30 विधानसभा सीटों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा, जिसमें 86.93 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ और शाम छह बजे समाप्त हुआ। मतदान के दौरान तिरुकानूर गांव में बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई, जिसे पुलिस ने बल प्रयोग करके नियंत्रित किया। यहाँ एनडीए को सत्ता में वापसी की चुनौती का सामना करना है, जबकि कांग्रेस गठबंधन सत्ता छीनने की कोशिश कर रहा है।
मुख्यमंत्री एन. रंगासामी थट्टांचवाड़ी और मंगलम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। थट्टांचवाड़ी में उनका सामना पुडुचेरी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा सांसद वी वैथिलिंगम से है, जबकि मंगलम सीट पर सीएम के सामने डीएमके नेता आर. शिवा विलियानूर हैं।