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तमिलनाडु में थलापति विजय का बड़ा कदम: कांग्रेस को दी राज्यसभा सीट

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए राज्यसभा की एकमात्र सीट कांग्रेस को सौंप दी है। यह कदम राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ लाने वाला है, खासकर जब कांग्रेस के पास विधानसभा में केवल पांच विधायक हैं। प्रवीण चक्रवर्ती, जो राहुल गांधी के करीबी सहयोगी हैं, इस सीट के लिए संभावित उम्मीदवार माने जा रहे हैं। जानें इस निर्णय के पीछे की कहानी और प्रवीण चक्रवर्ती का राजनीतिक सफर।
 

तमिलनाडु की राजनीति में नया मोड़


तमिलनाडु के राजनीतिक क्षेत्र से एक महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली खबर आई है। मुख्यमंत्री थलापति विजय, जो 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) के नेता हैं, ने राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव के लिए अपनी पार्टी की एकमात्र सीट कांग्रेस को सौंपने का निर्णय लिया है। यह चुनाव 18 जून को होने वाला है।


कांग्रेस को मिली सीट का महत्व

यह निर्णय इसलिए चौंकाने वाला है क्योंकि तमिलनाडु विधानसभा में कांग्रेस के पास केवल पांच विधायक हैं। इसके बावजूद, TVK ने इस सीट को कांग्रेस को सौंपने का साहसिक कदम उठाया है। यह मुख्यमंत्री विजय की ओर से कांग्रेस को दिया गया दूसरा बड़ा उपहार है, क्योंकि हाल ही में उन्होंने कांग्रेस के दो विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया था।


कौन होंगे राज्यसभा के उम्मीदवार?

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रवीण चक्रवर्ती को इस सीट के लिए उम्मीदवार बनाया जा सकता है। वह जल्द ही अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। यह सीट अन्नाद्रमुक के नेता सी. वी. षणमुगम के इस्तीफे के बाद खाली हुई है।


प्रवीण चक्रवर्ती का परिचय

प्रवीण चक्रवर्ती, जो राहुल गांधी के करीबी सहयोगी माने जाते हैं, एक प्रमुख राजनीतिक अर्थशास्त्री हैं। वह कांग्रेस के डेटा एनालिटिक्स विभाग और अखिल भारतीय पेशेवर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनके पास एक शानदार शैक्षणिक और पेशेवर पृष्ठभूमि है, जिसमें उन्होंने बिट्स पिलानी से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की और बाद में आईबीएम और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों में काम किया।


कांग्रेस के घोषणा पत्र में योगदान

प्रवीण चक्रवर्ती ने 2014 के लोकसभा चुनावों के बाद आईडीएफसी इंस्टीट्यूट में राजनीतिक अर्थव्यवस्था के स्कॉलर के रूप में महत्वपूर्ण शोध किए। 2017 में, राहुल गांधी ने उन्हें कांग्रेस में शामिल होने का निमंत्रण दिया, जिसके बाद वह पार्टी के आर्थिक थिंक टैंक के प्रमुख सदस्य बन गए।