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केरल में तीसरी बार सत्ता में लौटने का दावा, केवी थॉमस का बयान

दिल्ली में केरल सरकार के विशेष प्रतिनिधि केवी थॉमस ने दावा किया है कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) राज्य में तीसरी बार सत्ता में लौटेगा। उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) की आंतरिक कलह को सरकार बनाने में बाधा बताया। थॉमस ने बीजेपी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उन्होंने कहा कि पार्टी चर्च को डराने की कोशिश कर रही है। जानें इस राजनीतिक स्थिति के बारे में और क्या भविष्यवाणियाँ की गई हैं।
 

केरल में सत्ता की वापसी का विश्वास

दिल्ली में केरल सरकार के विशेष प्रतिनिधि केवी थॉमस ने शनिवार को यह दावा किया कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाला वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) राज्य में तीसरी बार सत्ता में लौटेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) अपनी आंतरिक कलह के कारण सरकार बनाने में असफल रहेगा।


भाजपा पर गंभीर आरोप

थॉमस, जो पहले कांग्रेस के सदस्य रह चुके हैं, ने भारतीय जनता पार्टी पर राजनीति में सौदेबाजी का आरोप लगाया। उन्होंने पलक्कड़ में हुई घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि यह स्पष्ट है। उन्होंने बीजेपी नेता शोभा सुरेंद्रन पर वोट के बदले पैसे देने का आरोप लगाया।


बीजेपी नेताओं की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया

एक टीवी चैनल से बातचीत में, थॉमस ने बीजेपी नेता शोन जॉर्ज की टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उपभोक्तावाद की झलक दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि अगर चर्च बीजेपी की मदद नहीं करेगा, तो संभवतः बीजेपी भी चर्च की मदद नहीं करेगी। थॉमस ने कहा कि शोन और उनके पिता पीसी जॉर्ज के बयान उनके असली चरित्र को उजागर करते हैं।


चर्च को डराने की कोशिश

केवी थॉमस ने आगे कहा, 'वे मुखौटा पहनकर भेड़िये की तरह आ रहे हैं।' उन्होंने कहा कि बीजेपी अपने बयानों से चर्च को डराने की कोशिश कर रही है, लेकिन केरल में यह प्रयास सफल नहीं होगा। विधानसभा चुनाव के परिणामों के बारे में उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य में सत्ता विरोधी लहर नहीं होने के कारण एलडीएफ को तीसरा कार्यकाल मिलेगा।


यूडीएफ की स्थिति पर टिप्पणी

थॉमस ने यह भी कहा कि यूडीएफ सत्ता में नहीं आएगा क्योंकि उसके पास नेतृत्व की कमी है और उसमें लगातार आंतरिक कलह बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है।