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केरल के अलप्पुझा जिले का चुनावी परिदृश्य: 2026 विधानसभा चुनाव की तैयारी

केरल के अलप्पुझा जिले का चुनावी परिदृश्य 2026 विधानसभा चुनाव के लिए महत्वपूर्ण है। इस जिले की जलवायु, भूगोल और राजनीतिक इतिहास ने इसे चुनावों में एक महत्वपूर्ण स्थान दिया है। पिछले चुनावों में लेफ्ट की जीत और कांग्रेस की कोशिशों के बीच, जानें कि इस बार कौन सी पार्टी जीत सकती है। इस लेख में हम जिले की विधानसभा सीटों, उनके इतिहास और आगामी चुनावों की रणनीतियों पर चर्चा करेंगे।
 

अलप्पुझा का जलवायु और भूगोल

केरल का अलप्पुझा जिला अपने समृद्ध जल स्रोतों, जैसे नहरों, नदियों और झीलों के लिए प्रसिद्ध है। इसे 'पूरब का वेनिस' कहा जाता है, क्योंकि यहां की नहरों में नावों का चलना आम है। इस जिले के पूर्व में कोट्टायम और पथनमथिट्टा हैं, जबकि वेम्बनाड झील इस क्षेत्र को जल से भरपूर बनाती है। उत्तर में कोच्चि, जो एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, स्थित है।


इतिहास और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य

अलेप्पी, जिसे अलप्पुझा भी कहा जाता है, को ब्रिटिश वायसरॉय लॉर्ड कर्जन ने 'वेनिस ऑफ द ईस्ट' का नाम दिया था। यहां की जलवायु और जल स्रोतों के कारण यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण रहा है। 1957 में स्थापित इस जिले ने 1925 में टी के माधवन के नेतृत्व में अछूत प्रथा के खिलाफ आंदोलन का गवाह बना।


राजनीतिक दृष्टिकोण से, यह जिला चुनावों में महत्वपूर्ण है। पिछले दो चुनावों में लेफ्ट ने जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस इस बार अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। धान की खेती के महत्व को देखते हुए, कांग्रेस ने न्यूनतम समर्थन मूल्य 35 रुपये प्रति किलो देने का वादा किया है। पिछले निकाय चुनावों में लेफ्ट की स्थिति कमजोर हुई है, जहां UDF ने 23 सीटें जीतीं।


2021 विधानसभा चुनाव का विश्लेषण

2021 में UDF को इस जिले में एक सीट पर जीत मिली थी, जबकि लेफ्ट ने बाकी सीटों पर कब्जा किया। इस बार कांग्रेस ने अपने हारे हुए उम्मीदवारों को बदलकर नए चेहरों को मैदान में उतारा है। बीजेपी ने भी अपने सहयोगियों को मौका दिया है।


विधानसभा सीटों का इतिहास

अरूर: यह सीट दशकों से लेफ्ट के पास है, लेकिन 2019 में कांग्रेस ने इसे जीता था। 2021 में कांग्रेस के शनीमुल उस्मान हार गए।


चेरतला: 1996 से 2006 तक ए के एंटनी ने यहां जीत हासिल की, लेकिन 2006 के बाद लेफ्ट का कब्जा रहा।


अलप्पुझा: यह सीट केसी वेणुगोपाल की थी, लेकिन अब लेफ्ट का गढ़ बन गई है।


अंबलाप्पुझा: 1991 से अब तक कांग्रेस को केवल एक बार जीत मिली है।


कुट्टनाड: यह सीट लंबे समय से लेफ्ट के पास है।


हरिपाद: कांग्रेस के रमेश चेन्निथला यहां से लगातार जीतते आ रहे हैं।


कायमकुलम: पिछले 20 वर्षों से लेफ्ट का कब्जा है।


मावेलिक्करा: 1991 से 2011 तक कांग्रेस के पास थी, अब लेफ्ट का कब्जा है।


चेंगानूर: पिछले 10 वर्षों से लेफ्ट जीत रहा है।


जिले की स्थिति

क्षेत्रफल: 1415 वर्ग किलोमीटर


नगर पालिका: 6


ब्लॉक: 12


तालुका: 6


ग्राम पंचायत: 72


विधानसभा सीटें: 9


LDF: 8


UDF: 1