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महिला आरक्षण पर राजनीतिक संग्राम: चुनावी टिकटों में महिलाओं की भागीदारी

महिला आरक्षण को लेकर देशभर में राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है। बीजेपी और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, खासकर आगामी चुनावों के मद्देनजर। इस लेख में जानें कि विभिन्न पार्टियों ने कितनी महिलाओं को चुनावी टिकट दिए हैं और किस पार्टी ने कितनी महिलाओं को मैदान में उतारा है। क्या महिला मतदाता इस बार किसी पार्टी को सजा देंगी? जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख।
 

महिला आरक्षण का मुद्दा गरमाया

भारत में महिला आरक्षण को लेकर एक बड़ा विवाद उत्पन्न हो गया है। भारतीय जनता पार्टी और एनडीए विपक्ष पर आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित कर दिया है। दूसरी ओर, विपक्ष का कहना है कि सत्ताधारी पार्टी का असली उद्देश्य महिलाओं को आरक्षण देना नहीं, बल्कि अपनी सत्ता को बनाए रखना है। इस महीने दो राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, जिससे महिला मतदाताओं का मुद्दा और भी महत्वपूर्ण हो गया है। अब यह सवाल उठ रहा है कि विभिन्न पार्टियों ने कितनी महिलाओं को चुनावी टिकट दिए हैं।


महिला आरक्षण का प्रावधान

महिला आरक्षण के तहत महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। बीजेपी ने तमिलनाडु में कांग्रेस और डीएमके, तथा पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी पर आरोप लगाया है कि वे महिला आरक्षण में बाधा डाल रही हैं। हालांकि, टीएमसी का दावा है कि उन्होंने पहले ही महिलाओं को 33 प्रतिशत से अधिक टिकट दिए हैं। टीएमसी बीजेपी से यह सवाल कर रही है कि उन्होंने कितनी महिलाओं को टिकट दिया है।


बंगाल में महिला उम्मीदवारों की संख्या

तृणमूल कांग्रेस ने 291 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए हैं, जिनमें से 52 महिलाएं हैं। यह कुल उम्मीदवारों का लगभग 17.86 प्रतिशत है। टीएमसी का तर्क है कि उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में भी महिलाओं को भागीदारी दी थी और संसद में उनके लगभग 40 प्रतिशत सांसद महिलाएं हैं।


बीजेपी का महिला टिकटों में कमी

भारतीय जनता पार्टी ने सभी 294 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए हैं, जिनमें से केवल 33 महिलाएं हैं। यह कुल उम्मीदवारों का लगभग 11.22 प्रतिशत है। पिछली बार बीजेपी ने 38 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया था, लेकिन इस बार यह संख्या और भी कम है। कांग्रेस ने 35 और लेफ्ट ने 34 महिलाओं को मैदान में उतारा है।


तमिलनाडु में महिला उम्मीदवारों की स्थिति

तमिलनाडु में कुल 442 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है। डीएमके ने 175 में से 19 सीटों पर महिलाओं को उतारा है। बीजेपी ने 6 और एआईडीएमके ने 170 में से 21 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया है। कांग्रेस ने 28 सीटों में से केवल 2 महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।


बीजेपी और टीएमसी के बीच टकराव

महिला आरक्षण बिल को लेकर पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और कांग्रेस पर हमला किया। उन्होंने कहा कि तृणमूल ने कांग्रेस के साथ मिलकर 2029 में महिलाओं को आरक्षण देने वाले विधेयक को पारित होने से रोकने की साजिश की है, और महिलाएं उन्हें सजा देंगी। वहीं, टीएमसी पीएम मोदी और बीजेपी पर पलटवार कर रही है। टीएमसी सांसद ने आंकड़े जारी कर पीएम मोदी से पूछा कि उनकी पार्टी ने कुल सांसदों में से 37 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को मौका दिया है, जबकि आपकी पार्टी ने 13 प्रतिशत से भी कम महिलाओं को मौका दिया है।