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अरविंद केजरीवाल ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पश्चिम बंगाल के बालीगंज में एक जनसभा में बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 27 लाख वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं और राज्य में साढ़े तीन लाख सैनिकों की तैनाती पर सवाल उठाया। केजरीवाल ने टीएमसी को वोट देने की अपील की और बीजेपी पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। जानें उनके अन्य महत्वपूर्ण बयानों के बारे में।
 

जनसभा में केजरीवाल का बयान

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पश्चिम बंगाल के बालीगंज में एक जनसभा को संबोधित करते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की वोटर लिस्ट से 27 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए हैं।


मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया की आवाज

केजरीवाल ने कहा, 'सोशल मीडिया पर लोग प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ मीम बना रहे हैं। यह दर्शाता है कि मोदी जी ईमानदारी से चुनाव नहीं जीत सकते।'


बंगाल में सुरक्षा बलों की तैनाती

उन्होंने यह भी कहा कि मोदी जी के करीबी सहयोगी, जैसे ईडी और सीबीआई, बंगाल में सुरक्षा बलों की तैनाती कर रहे हैं। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि क्या बंगाल के लोग आतंकवादी हैं, जो इतनी बड़ी संख्या में सैनिकों की जरूरत है।


मोदी और अमित शाह का बंगाल में डर

केजरीवाल ने यह भी कहा कि साढ़े तीन लाख सैनिकों की तैनाती के बावजूद मोदी और अमित शाह को बंगाल में आने से डर क्यों है। उन्होंने कहा कि अगर मोदी जी चुनाव हारते हैं, तो बंगाल की जनता उनसे इस्तीफे की मांग करेगी।


टीएमसी को वोट देने की अपील

उन्होंने लोगों से टीएमसी को वोट देने की अपील की और कहा, 'अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से कहें कि इस चुनाव में टीएमसी के उम्मीदवारों को वोट दें। ममता बनर्जी ही आपकी मदद कर सकती हैं।'


बीजेपी पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप

रैली में केजरीवाल ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह अपने विरोधियों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि एक साल पहले उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन अदालत ने बाद में इसे मनगढ़ंत करार दिया।


मोदी सरकार के वादों पर सवाल

केजरीवाल ने यह भी कहा कि अगर मोदी सरकार सत्ता में आती है, तो ममता बनर्जी के सभी कार्य रद्द कर दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि मोदी ने दिल्ली की महिलाओं को 2,500 रुपये देने का वादा किया था, लेकिन बाद में वह अपने वादे से मुकर गए।