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नलबाड़ी में नवोदय विद्यालय के छात्रों पर हमला, तीन छात्रों को निलंबित किया गया

असम के नलबाड़ी जिले में पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 10 के तीन छात्रों को जूनियर छात्रों पर हमले के आरोप में 15 दिनों के लिए निलंबित किया गया है। विद्यालय प्रशासन ने कहा है कि छात्रों को स्थानांतरित नहीं किया जाएगा, क्योंकि वे बोर्ड परीक्षाओं में बैठने वाले हैं। इस घटना के बाद माता-पिता और शिक्षकों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी ताकि छात्र सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सके। जानें इस मामले में और क्या हुआ और प्रशासन की क्या योजना है।
 

घटना का विवरण

PM Shri Jawahar Navodaya Vidyalaya

नलबाड़ी, 29 जून: असम के नलबाड़ी जिले के पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 10 के तीन छात्रों पर जूनियर छात्रों पर हमले का आरोप लगाया गया है। इन छात्रों को 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है और उन्हें छात्रावास में रहने से रोक दिया गया है।


विद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया

विद्यालय के प्रधानाचार्य मिंटू चक्रवर्ती ने सोमवार को इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि इन छात्रों को स्थानांतरित नहीं किया जाएगा, क्योंकि वे कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाओं में बैठने वाले हैं।


उन्होंने कहा, "हमने तीन छात्रों को निलंबित किया है और उन्हें छात्रावास में रहने की अनुमति नहीं है। उनके स्थानांतरण का दबाव था, लेकिन हम नहीं चाहते थे कि उनकी शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो। इसलिए, हमने उन्हें निलंबित करने का निर्णय लिया।"


चक्रवर्ती ने यह भी बताया कि छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं के बाद कक्षा 11 में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।


घटनाओं का पूर्व इतिहास

प्रधानाचार्य ने कहा कि हाल ही में स्कूल में शामिल हुए हैं और यह पहली बड़ी घटना है। उन्होंने बताया कि लगभग दो साल पहले इसी तरह की एक घटना पिछले प्रशासन के दौरान हुई थी।


पुलिस की कार्रवाई

शुक्रवार रात को वरिष्ठ छात्रों द्वारा कक्षा 7 और 8 के छात्रों पर हमले की घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा कर्मियों को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बुलाया गया।


एक पीड़ित के माता-पिता ने आरोप लगाया कि छात्रावास में वरिष्ठ छात्रों द्वारा धमकाने और शारीरिक हमले की घटनाएं आम हो गई हैं।


माता-पिता की चिंताएं

एक पीड़ित की माँ ने कहा, "गुरुवार रात हमें स्कूल से फोन आया कि हमें अपने बेटे को दो या तीन दिन के लिए घर ले जाना है।" उन्होंने कहा कि घर के मास्टर को डर था कि अगर उनका बेटा छात्रावास में रहा, तो वरिष्ठ छात्र फिर से उस पर हमला कर सकते हैं।


उन्होंने न्याय की मांग करते हुए कहा कि यह घटना उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल चुकी है।


विद्यालय प्रशासन की योजना

विद्यालय प्रशासन ने कहा कि वे अपने अनुशासनात्मक ढांचे की समीक्षा करेंगे और माता-पिता और शिक्षकों के साथ बैठक से प्राप्त सुझावों को लागू करेंगे ताकि छात्र सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।


इस मामले में अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है क्योंकि पुलिस में कोई औपचारिक शिकायत नहीं की गई है।