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सोलर फूड प्रोसेसिंग पर कार्यशाला: किसानों के लिए नई संभावनाएं

इंदौर में आयोजित एक कार्यशाला में रहेजा सोलर फूड प्रोसेसिंग ने किसानों को सस्टेनेबल खेती के लिए सोलर ड्रायर तकनीक के लाभों के बारे में जानकारी दी। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने सोलर आधारित समाधानों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के तरीकों पर चर्चा की। कार्यशाला में भाग लेने वाले किसानों और एग्री-एंटरप्रेन्योर्स ने इस तकनीक के महत्व को समझा और इसे अपनाने के लिए प्रेरित हुए।
 

सोलर फूड प्रोसेसिंग की पहल


इंदौर में, रहेजा सोलर फूड प्रोसेसिंग ने जिम्मी मगिलिगन स्मृति सस्टेनेबल डेवलपमेंट सप्ताह के अंतर्गत "सस्टेनेबल खेती के लिए सोलर फूड प्रोसेसिंग" विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया।


इस कार्यशाला में, कंपनी की निदेशक श्रीमती बबीता रहेजा ने सभी उपस्थित अतिथियों और किसानों का स्वागत करते हुए कंपनी के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि रहेजा सोलर किसानों को सोलर ड्रायर तकनीक अपनाने के लिए प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और मार्केट कनेक्शन प्रदान कर उनकी आय बढ़ाने, फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने और सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल विकसित करने में मदद कर रहा है।


कार्यशाला में भागीदारी


इस कार्यशाला में किसानों, एग्री-एंटरप्रेन्योर्स और रिन्यूएबल एनर्जी में रुचि रखने वाले विभिन्न स्टेकहोल्डर्स ने भाग लिया। सत्र के दौरान, सोलर ड्रायर तकनीक की भूमिका पर चर्चा की गई, जो फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने, उत्पाद की शेल्फ लाइफ बढ़ाने और किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने में सहायक है।


आदिवासी क्षेत्रों में सोलर टेक्नोलॉजी

जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट की निदेशक, पद्मश्री डॉ. (श्रीमती) जनक पलटा मगिलिगन ने अपने चार दशकों के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि सोलर आधारित समाधानों ने आदिवासी परिवारों की आजीविका को कैसे बेहतर बनाया।



उन्होंने बताया कि 25 साल पहले, जब कोंकण क्षेत्र में टमाटर जैसी फसलों की बिक्री नहीं हो रही थी, तब उनके पति जिम्मी मगिलिगन ने पहला सोलर ड्रायर विकसित किया, जिससे किसानों की आय में कई गुना वृद्धि हुई। जिम्मी मगिलिगन को ग्रामीण समुदायों के लिए वैकल्पिक ऊर्जा के योगदान के लिए महारानी एलिजाबेथ द्वितीय द्वारा 'ऑर्डर ऑफ ब्रिटिश एम्पायर' से सम्मानित किया गया।


आधुनिक खेती और पर्यावरण संरक्षण

रिटायर्ड बॉटानिस्ट डॉ. जयश्री सिक्का ने खेती में हो रहे नवाचारों पर चर्चा की और सस्टेनेबल तरीकों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया, जो न केवल उत्पादकता बढ़ाती हैं बल्कि पर्यावरणीय संसाधनों की भी रक्षा करती हैं।


दोनों वक्ताओं ने सोलर फूड प्रोसेसिंग, सोलर ड्रायर इनोवेशन, इको-फ्रेंडली खेती और वैल्यू एडिशन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया।


कार्यशाला की सफलता

इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को प्रैक्टिकल ज्ञान और क्रियान्वयन योग्य जानकारी प्राप्त हुई। रहेजा सोलर फूड प्रोसेसिंग ऐसे कार्यक्रमों को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे सोलर आधारित समाधानों और सस्टेनेबल खेती को बढ़ावा मिले और मजबूत कृषि पारिस्थितिकी तंत्र का विकास हो।


कार्यक्रम में विशेष अतिथि डॉ. सम्यक जैन, श्री कीर्ति कुमार सिक्का और कमर्शियल पायलट अहान सिक्का ने भी इस आयोजन की सराहना की।