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सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, जानें कारण और भविष्यवाणी

हाल ही में अमेरिकी श्रम बाजार के मजबूत आंकड़ों के कारण सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है। जानें कि इस गिरावट का क्या कारण है और क्या यह खरीदारी का सही समय है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट भारतीय बाजार में भी प्रभाव डालेगी। क्या आने वाले समय में सोने की कीमतें और गिरेंगी? इस लेख में हम इन सभी सवालों का उत्तर देंगे।
 

सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट का कारण

अमेरिका की आर्थिक गतिविधियों का वैश्विक बाजार पर गहरा प्रभाव पड़ता है। हाल ही में अमेरिकी श्रम बाजार के मजबूत आंकड़ों के प्रकाश में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट आई है। इस सकारात्मक खबर के बाद, सोने की कीमतों में अचानक गिरावट आई है, जिससे बाजार में हलचल मच गई है। अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़ों के बाद निवेशकों में बेचैनी फैल गई, जिसके परिणामस्वरूप कॉमेक्स पर सोने की कीमत 151 डॉलर प्रति औंस तक गिर गई। चांदी की कीमत में भी 6 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है.


गिरावट के पीछे का कारण

सोने और चांदी की कीमतों में यह गिरावट अमेरिका के मजबूत श्रम बाजार के आंकड़ों के कारण हुई है। बेहतर रोजगार के आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को समाप्त कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत अर्थव्यवस्था के चलते ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं। जैसे ही निवेशकों को ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना का एहसास हुआ, उन्होंने सोने और चांदी से अपने निवेश को निकालना शुरू कर दिया, जिससे कीमतें गिर गईं.


कॉमेक्स पर सोने और चांदी की स्थिति

इंटरनेशनल कमोडिटी मार्केट कॉमेक्स पर सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है। शनिवार सुबह सोने की कीमत 151 डॉलर प्रति औंस गिरकर 4,353 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। चांदी की कीमत भी लगभग 6 डॉलर प्रति औंस गिरकर 67.99 डॉलर प्रति औंस हो गई। यह इस सीजन की सबसे बड़ी इंट्रा डे गिरावट मानी जा रही है, जिससे बाजार के बड़े खिलाड़ी चिंतित हैं कि आने वाले दिनों में यह गिरावट और बढ़ सकती है.


क्या यह खरीदारी का सही समय है?

पृथ्वी फिनमार्ट के निदेशक मनोज कुमार जैन के अनुसार, सोना भारतीय मध्यम वर्ग के लिए सुरक्षित निवेश का एक पसंदीदा विकल्प रहा है। हाल की गिरावट भारतीय बाजार में भी प्रभाव डालेगी। यह गिरावट उन लोगों के लिए एक अच्छा अवसर हो सकती है जो शादी या निवेश के लिए सही समय की तलाश कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि इस गिरावट के बीच गोल्ड ईटीएफ में निवेश करना भविष्य के लिए लाभदायक हो सकता है, लेकिन बाजार की अस्थिरता को देखते हुए निवेश करने से पहले ट्रेंड को समझना आवश्यक है.


भविष्य में सोने की कीमतों का रुख

आने वाले समय में सोने की कीमतों का रुख पूरी तरह से अमेरिकी फेडरल रिजर्व के निर्णयों पर निर्भर करेगा। यदि डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी बॉंड यील्ड में मजबूती बनी रहती है, तो सोने और चांदी पर दबाव बढ़ सकता है। यदि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में वृद्धि करता है, तो सोने और चांदी की कीमतें और गिर सकती हैं.


भारतीय बाजार की स्थिति

हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट देखी जा रही है, लेकिन शुक्रवार शाम को भारतीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें तेजी के साथ बंद हुईं। शुक्रवार शाम को जारी रेट के अनुसार, 24 कैरेट सोना 1,54,238 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इसी तरह, 23 कैरेट सोना 1,53,620 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,41,282 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। 18 कैरेट सोने की कीमत 1,15,679 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। चांदी की कीमत में गिरावट आई और यह 2,56,908 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई.