सोने की कीमतों में तेजी: जानें आज के ताजा रेट
सोने की कीमतों में उछाल
8 जून को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में एक बार फिर उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। इस समय, देश और विदेश के निवेशक वैश्विक आर्थिक घटनाओं, मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव और बुलियन मार्केट के बदलते रुझानों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। विभिन्न देशों में राजनीतिक अस्थिरता और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में ब्याज दरों के संभावित निर्णयों के बीच, इस कीमती धातु की मांग में वृद्धि हुई है।
चांदी की कीमतें स्थिर
जहां सोने की कीमतों में उछाल आया है, वहीं चांदी की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर बनी हुई हैं। चांदी का यह सुस्त रुख दर्शाता है कि निवेशक इस समय बहुत सतर्कता से कदम उठा रहे हैं। हालिया आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में सोने के दाम में वृद्धि हुई है।
बड़े शहरों में सोने-चांदी के ताजा रेट
यदि आप आज सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो प्रमुख शहरों के भाव जानना आवश्यक है। दिल्ली में 22 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,40,140 प्रति 10 ग्राम और 24 कैरेट सोने का भाव ₹ 1,55,900 प्रति 10 ग्राम है। चांदी की कीमत ₹ 2,64,900 प्रति किलो है। मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता में 22 कैरेट सोना ₹ 1,39,990 और 24 कैरेट सोना ₹ 1,52,720 प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है।
दक्षिण भारत में सोने के दाम
चेन्नई में 22 कैरेट सोने का भाव ₹ 1,41,990 और 24 कैरेट का भाव ₹ 1,54,900 प्रति 10 ग्राम है। वहीं, हैदराबाद में 22 कैरेट सोना ₹ 1,39,990 और 24 कैरेट सोना ₹ 1,52,720 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है। दोनों शहरों में चांदी की कीमत ₹ 2,69,900 प्रति किलो है। ग्राहकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि ज्वैलर्स के मेकिंग चार्ज, जीएसटी और स्थानीय टैक्स नीतियों के कारण अंतिम रेट भिन्न हो सकते हैं।
सोने की कीमतों में तेजी का कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशक सोने की ओर रुख कर रहे हैं। सोने की बढ़ती कीमतों को कई वैश्विक कारकों से समर्थन मिल रहा है, जैसे भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी डॉलर की वैल्यू में उतार-चढ़ाव और सेंट्रल बैंकों द्वारा सोने की खरीदारी।
भविष्य की संभावनाएं
बुलियन मार्केट के बड़े ट्रेडर्स अंतरराष्ट्रीय बाजारों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। आने वाले हफ्तों में कच्चे तेल की कीमतें, महंगाई के आंकड़े और सेंट्रल बैंकों की नई मौद्रिक नीतियों से सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक दृष्टिकोण से कीमती धातुएं हमेशा सुरक्षित निवेश का साधन रही हैं।