सोने और चांदी की कीमतों में उछाल: जानें कारण और लेटेस्ट रेट्स
सोने और चांदी की कीमतों में तेजी
जयपुर/नई दिल्ली, 1 मार्च 2026 – आज सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने एक बार फिर से हलचल मचा दी है। सोने की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जबकि चांदी ने तो एक-दो दिन में ही हजारों रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। वैश्विक स्तर पर मिडिल ईस्ट में तनाव, विशेषकर अमेरिका-ईरान-इज़राइल के बीच की स्थिति, सुरक्षित निवेश की मांग और औद्योगिक उपयोग ने इन धातुओं की कीमतों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
लेटेस्ट रेट्स (जयपुर के स्थानीय सर्राफा बाजार के अनुसार):
- 24 कैरेट सोना (शुद्ध): ₹16,886 प्रति ग्राम (10 ग्राम के लिए लगभग ₹1,68,860 – हाल के दिनों में ₹700-800 की वृद्धि)
- 22 कैरेट सोना (ज्वेलरी के लिए): ₹15,480 प्रति ग्राम (10 ग्राम के लिए लगभग ₹1,54,800)
- चांदी (शुद्ध): ₹295 प्रति ग्राम (1 किलोग्राम के लिए लगभग ₹2,95,000 – हाल ही में ₹10,000 प्रति किलो की जबरदस्त बढ़ोतरी!)
इस तेजी के पीछे के कारण:
- वैश्विक जियोपॉलिटिकल तनाव – मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान न्यूक्लियर वार्ता और इज़राइल के हवाई हमलों की खबरें सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश के रूप में स्थापित कर रही हैं। निवेशक स्टॉक मार्केट की बजाय इन धातुओं में निवेश कर रहे हैं।
- चांदी की औद्योगिक मांग – सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहनों, सेमीकंडक्टर और एआई तकनीक में चांदी का उपयोग बढ़ा है। वैश्विक आपूर्ति में कमी के कारण कीमतें आसमान छू रही हैं।
- निवेश का उभार – भारत में खुदरा निवेशक चांदी में भारी खरीदारी कर रहे हैं। 2026 में चांदी ने सोने को भी पीछे छोड़ दिया है, और कुछ विशेषज्ञ इसे 'गोल्ड ऑन स्टेरॉयड्स' कह रहे हैं!
- कमजोर डॉलर और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद – कमजोर डॉलर और अमेरिका में ब्याज दरों में कमी की संभावना से कीमती धातुओं की कीमतें बढ़ रही हैं।
जयपुर के जौहरियों का कहना है: "चांदी अब ₹3 लाख के पार जा चुकी है, और यदि यह ट्रेंड जारी रहा तो यह ₹3.20-3.50 लाख तक पहुंच सकती है। सोना भी ₹1.70 लाख प्रति 10 ग्राम को छू सकता है। शादी-ब्याह के सीजन में खरीदारों के लिए यह एक चुनौती है – खरीदें या इंतजार करें?"
खरीदारों के लिए सुझाव: वर्तमान में 'होल्ड' या छोटी मात्रा में एसआईपी जैसा निवेश करना बेहतर हो सकता है, क्योंकि कीमतों में वृद्धि का रुख है। लेकिन स्थानीय जौहरी से रेट्स की पुष्टि करना न भूलें, क्योंकि शहरों और दुकानों में ₹100-200 का अंतर हो सकता है।
तो, क्या आपकी जेब इस 'पॉपकॉर्न जैसी' तेजी के साथ चल पा रही है, या आप अभी भी सोच में हैं – 'ये तो रॉकेट बन गया!'?