विश्व बैंक ने भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान 7.2% तक बढ़ाया
भारत की आर्थिक वृद्धि का नया अनुमान
विश्व बैंक ने अपनी नवीनतम ग्लोबल इकोनॉमिक प्रॉस्पेक्ट्स रिपोर्ट में भारत की आर्थिक विकास दर के अनुमान को संशोधित किया है। वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल 2025 से मार्च 2026) के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ को 7.2% तक बढ़ा दिया गया है, जो कि जून 2025 के पूर्वानुमान (6.3%) से 0.9 प्रतिशत अंक अधिक है।
यह वृद्धि मुख्य रूप से मजबूत घरेलू मांग (domestic demand) पर निर्भर करती है, जिसमें निजी उपभोग (private consumption) में मजबूती, कर सुधारों (tax reforms) का सकारात्मक प्रभाव और ग्रामीण क्षेत्रों में आय में सुधार शामिल हैं।
हालांकि, अगले वित्त वर्ष 2026-27 में ग्रोथ दर घटकर 6.5% रहने का अनुमान है। यह अनुमान इस आधार पर है कि अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर लगाए गए 50% टैरिफ (tariff) इस दौरान लागू रहेंगे, जिससे निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि टैरिफ के बावजूद भारत की घरेलू मांग और निर्यात की लचीलापन (resilience) ने प्रभाव को सीमित रखा है, लेकिन दीर्घकालिक में यह ग्रोथ को प्रभावित कर सकता है।
फिर भी, विश्व बैंक का मानना है कि ग्रोथ में कमी के बावजूद भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा। 2027-28 में ग्रोथ फिर से बढ़कर 6.6% तक पहुंच सकती है, जिसमें सेवाओं का मजबूत प्रदर्शन, निर्यात में सुधार और निवेश में वृद्धि योगदान देगा।