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रुपये में मजबूती: RBI के नए नियमों का असर

सोमवार को भारतीय रुपये ने डॉलर के मुकाबले मजबूती दिखाई, जो कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नए दिशा-निर्देशों का परिणाम है। रुपये ने 128 पैसे की बढ़त के साथ 93.57 प्रति डॉलर पर कारोबार किया। इस सुधार के पीछे RBI का सट्टेबाजों पर नियंत्रण करने वाला कदम है। जानें इस बदलाव का शेयर बाजार पर क्या असर पड़ा और अन्य महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतक क्या हैं।
 

रुपये की मजबूती का कारण


सोमवार को भारतीय रुपये ने एक मजबूत वापसी की है। आज डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति में सुधार हुआ है। शुरुआती कारोबार में, रुपये ने अपने ऐतिहासिक निचले स्तर से 128 पैसे की बढ़त के साथ 93.57 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपये की शुरुआत 93.62 पर हुई और फिर यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93.57 तक और मजबूत हुआ, जो पिछले बंद भाव से 128 पैसे की वृद्धि को दर्शाता है। शुक्रवार को रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 89 पैसे की गिरावट के साथ अपने निचले स्तर 94.85 पर बंद हुआ था। इस सुधार का मुख्य कारण रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का वह कदम है, जिसने सट्टेबाजों पर नियंत्रण किया है।

दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 100.09 पर कारोबार कर रहा था। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव वायदा कारोबार में 2.16 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 115 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

घरेलू शेयर बाजार की स्थिति की बात करें तो, सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 1,191.24 अंक गिरकर 72,391.98 पर आ गया, जबकि निफ्टी 349.45 अंक गिरकर 22,470.15 पर पहुंच गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को कुल 4,367.30 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

RBI के इस निर्णय का प्रभाव
रुपये को गिरने से रोकने के लिए रिजर्व बैंक ने शुक्रवार रात को बैंकों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए। RBI ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे विदेशी मुद्रा बाजार में अपनी ‘नेट ओपन पोजीशन’ (NOP) को 100 मिलियन डॉलर तक सीमित रखें। इसका अर्थ है कि बैंक अब डॉलर की बड़ी होल्डिंग या सट्टेबाजी नहीं कर सकेंगे। यह नियम बैंकों के लिए 10 अप्रैल तक लागू होगा।