रुपए में डॉलर के मुकाबले मजबूती, मई में 1.33 रुपए की बढ़त
रुपए की मजबूती का विश्लेषण
मई के महीने में, डॉलर के मुकाबले रुपए ने उल्लेखनीय मजबूती दिखाई है। केवल 5 कारोबारी दिनों में, रुपए में 1.25 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। यह तब हुआ है जब पश्चिम एशिया में हालात लगातार बदल रहे हैं, जिसमें कभी सीजफायर का ऐलान होता है और कभी अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता है। इस स्थिति के चलते कच्चे तेल की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। शुक्रवार को, रुपए ने डॉलर के मुकाबले 71 पैसे की बढ़त दर्ज की, जबकि कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से अधिक बनी हुई हैं.
डॉलर के मुकाबले रुपए में 1.33 रुपए की तेजी
इस महीने में, डॉलर के मुकाबले रुपए में 1.33 रुपए की वृद्धि हुई है। पिछले सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन, डॉलर के मुकाबले रुपया 94.84 पर बंद हुआ था, जबकि 8 मई को यह 93.51 पर आ गया। इसका मतलब है कि रुपए में 1.40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस वृद्धि के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में कमी और आरबीआई का हस्तक्षेप मुख्य कारण हैं।
मई में तेजी और गिरावट का विवरण
| तारीख | रुपए में तेजी या गिरावट |
| 4 मई | 39 पैसे की गिरावट |
| 5 मई | 5 पैसे की तेजी |
| 6 मई | 69 पैसे की तेजी |
| 7 मई | 27 पैसे की तेजी |
| 8 मई | 71 पैसे की तेजी |
शुक्रवार को 71 पैसे की वृद्धि
शुक्रवार को, रुपए ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 71 पैसे की वृद्धि के साथ 93.51 पर बंद हुआ। फॉरेक्स ट्रेडर्स के अनुसार, ईरान द्वारा अमेरिका पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाने के बाद निवेशकों की भावनाएं प्रभावित हुईं। ब्रेंट तेल की कीमतें, जो पहले गिरकर 98 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई थीं, अब लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं।
कच्चे तेल और डॉलर की स्थिति
- डॉलर इंडेक्स 97.91 पर ट्रेड कर रहा था, जिसमें 0.15 प्रतिशत की गिरावट आई।
- ब्रेंट क्रूड की कीमत 99.81 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रही थी।
- घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 516.33 अंक गिरकर 77,328.19 पर बंद हुआ।
- विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 4,110.60 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
- आरबीआई ने बताया कि 1 मई को समाप्त हुए सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7.794 अरब अमेरिकी डॉलर घटकर 690.693 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति और कमजोर घरेलू इक्विटी का रुपए पर दबाव पड़ा है। उन्हें उम्मीद है कि पश्चिम एशिया में नए भू-राजनीतिक तनावों के बीच रुपए में थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।