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युवाओं के लिए निवेश की शुरुआत का महत्व

इस लेख में हम चर्चा करेंगे कि युवा पेशेवर अक्सर निवेश में देरी क्यों करते हैं और इसका उनके भविष्य पर क्या प्रभाव पड़ता है। हम देखेंगे कि कैसे छोटी राशि से जल्दी निवेश करना, बड़ी राशि से देर से निवेश करने से अधिक फायदेमंद हो सकता है। जानें कि 25 साल की उम्र में निवेश करने से कैसे करोड़ों का लाभ हो सकता है और क्यों समय पर शुरुआत करना आवश्यक है।
 

वित्तीय गलती जो युवा करते हैं

कई युवा पेशेवर अनजाने में एक महत्वपूर्ण वित्तीय गलती कर बैठते हैं। करियर की शुरुआत में, वे खर्चों को प्राथमिकता देते हैं और सोचते हैं कि जब उनकी आय बढ़ेगी, तब वे निवेश करना शुरू करेंगे। लेकिन जब तक वे निवेश की ओर कदम बढ़ाते हैं, तब तक चक्रवृद्धि का सबसे मूल्यवान समय उनके हाथ से निकल चुका होता है।


निवेश में देरी का प्रभाव

एक साधारण गणना से पता चलता है कि यदि कोई व्यक्ति 30 साल की उम्र में 10,000 रुपये की मासिक SIP शुरू करता है, तो रिटायरमेंट तक उसके पास लगभग 2.42 करोड़ रुपये कम हो सकते हैं। जबकि यदि वह 25 साल की उम्र में शुरू करता है, तो उसका कुल निवेश केवल 6 लाख रुपये अधिक होगा।


युवाओं की सोच में बदलाव

मान लीजिए, एक 25 वर्षीय युवा नौकरी शुरू करता है और उसकी मासिक सैलरी 50,000 रुपये है। उसके पास न तो कोई लोन है और न ही कोई बड़ी जिम्मेदारी। वह आसानी से हर महीने 10,000 रुपये निवेश कर सकता है। लेकिन अक्सर नई बाइक, स्मार्टफोन और अन्य खर्चे निवेश पर भारी पड़ जाते हैं।


30 की उम्र में जिम्मेदारियों का बढ़ना

जब वह 30 साल का होता है, तो उसकी सैलरी बढ़कर लगभग 1 लाख रुपये हो जाती है, लेकिन जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं। शादी, घर खरीदने की योजना और बच्चों के भविष्य के लक्ष्य सामने आते हैं। तब वह SIP शुरू करता है, लेकिन पहले ही 5 साल की देरी कर चुका होता है।


कंपाउंडिंग का महत्व

यदि कोई व्यक्ति 25 साल की उम्र में 10,000 रुपये की SIP शुरू करता है और 60 साल तक निवेश करता है, तो 12% सालाना रिटर्न पर उसका फंड लगभग 5.5 करोड़ रुपये हो सकता है। वहीं, 30 साल की उम्र में शुरू करने पर वही SIP करीब 3.08 करोड़ रुपये का फंड बना सकती है।


निवेश की शुरुआत का सही समय

निवेश शुरू करने के लिए बड़ी सैलरी या बड़ी रकम की आवश्यकता नहीं होती। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि समय पर शुरुआत करना आवश्यक है। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि छोटी राशि से जल्दी निवेश शुरू करना, बड़ी राशि से देर से निवेश करने से कहीं बेहतर है।