भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का खतरा, वैश्विक संकेत चिंताजनक
सोमवार को बाजार में गिरावट की आशंका
नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कारोबार के पहले दिन भारी गिरावट देखने को मिल सकती है। यह केवल एक अनुमान नहीं है, बल्कि विदेशी बाजारों से मिल रहे संकेतों का परिणाम है। पिछले सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन अमेरिकी शेयर बाजार ने नकारात्मक स्थिति में बंद किया था, और अमेरिका-ईरान युद्ध से संबंधित समाचारों का असर सोमवार को एशियाई बाजारों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंगसेंग दोनों में गिरावट आई है। इसके अलावा, गिफ्टी निफ्टी (Gift Nifty) भी लगभग 250 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है।
अमेरिका-ईरान तनाव का असर
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी की खबरों ने वैश्विक तनाव को और बढ़ा दिया है। इसके परिणामस्वरूप तेल बाजार में भी उथल-पुथल मची हुई है। कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, ब्रेंट क्रूड की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। इससे दुनिया भर के शेयर बाजारों में चिंता का माहौल है।
गिफ्टी निफ्टी में गिरावट
भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेतक गिफ्टी निफ्टी सोमवार को बड़ी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। खबर लिखे जाने तक, गिफ्टी निफ्टी में 250 अंकों से अधिक या 1.15% की गिरावट देखी गई थी। यह इंडेक्स 25,565 पर ट्रेड कर रहा था, जबकि कुछ मिनट पहले यह 22,415 तक गिर गया था।
एशियाई बाजारों में गिरावट
पिछले सप्ताह अमेरिकी शेयर बाजारों में भारी गिरावट आई थी, जिसमें डॉव जोन्स 793 अंक और डॉव फ्यूचर्स 218 अंक गिरकर बंद हुआ था। इसका असर सोमवार को जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग सहित अन्य एशियाई बाजारों पर भी पड़ा है, जहां सभी इंडेक्स लाल रंग में दिखाई दे रहे हैं। जापान का निक्केई इंडेक्स 2382 अंक या 4.50% गिरकर 50,566 पर आ गया। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी 490 अंक या 1.95% गिरकर 24,469 पर ट्रेड कर रहा है।
भारतीय बाजार का हाल
पिछले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। चार कारोबारी दिनों में BSE सेंसेक्स 949.74 अंक या 1.27% गिरा, जबकि NSE निफ्टी में 294.9 अंक या 1.27% की गिरावट दर्ज की गई। देश की शीर्ष 10 कंपनियों में से सात की मार्केट वैल्यू में 1.75 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। सबसे अधिक नुकसान रिलायंस को हुआ, जिसका मार्केट कैप 89,720 करोड़ रुपये घट गया। इसके बाद HDFC बैंक का मार्केट कैप 37,249 करोड़ रुपये गिरकर 11.64 लाख करोड़ रुपये रह गया।