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भारतीय शेयर बाजार में कंपनियों की मजबूती के संकेत, मुनाफे में लौटे कई बड़े नाम

इस वर्ष भारतीय शेयर बाजार में कंपनियों ने मुनाफे में लौटने के संकेत दिए हैं, जबकि कई सेक्टरों में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है। वोडाफोन आइडिया और टाटा मोटर्स जैसी कंपनियों ने घाटे से उबरकर मुनाफा कमाया है। रिन्यूएबल एनर्जी और फार्मा सेक्टर में भी कंपनियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। हालांकि, बाजार में अभी भी चुनौतियां बनी हुई हैं, जैसे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और रुपये की कमजोरी। जानें और क्या कहती हैं ग्लोबल ब्रोकरेज फर्में।
 

भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव

इस वर्ष भारतीय शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी निवेशकों द्वारा की गई बिकवाली, रुपये की कमजोरी और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने निवेशकों के मन में चिंता पैदा की है। फिर भी, मार्च तिमाही के परिणामों ने यह स्पष्ट किया है कि भारतीय कंपनियों का एक बड़ा हिस्सा अब भी मजबूत स्थिति में है। FY26 की चौथी तिमाही में कम से कम 50 लिस्टेड कंपनियां घाटे से निकलकर मुनाफे में पहुंच गईं।


विभिन्न सेक्टरों में कंपनियों की वापसी

इस बार केवल एक या दो सेक्टर नहीं, बल्कि टेलीकॉम, ऑटोमोबाइल, डिफेंस, रिन्यूएबल एनर्जी, फार्मा, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल सेक्टर में कंपनियों ने शानदार वापसी की। यह दर्शाता है कि कॉर्पोरेट इंडिया अभी भी ऑपरेशनल स्तर पर मजबूती बनाए हुए है। वोडाफोन आइडिया ने पिछली तिमाही के 5,286 करोड़ रुपये के घाटे से निकलकर इस बार 51,970 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया। इसी तरह, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने भी पिछले नुकसान के बाद 5,744 करोड़ रुपये का लाभ कमाया।


अडानी ग्रीन और NHPC का प्रदर्शन

रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अडानी ग्रीन ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। सरकारी कंपनी NHPC ने भी पिछली तिमाही के नुकसान से उबरकर 2,108 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया। यह संकेत देता है कि इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा क्षेत्र में सरकारी और निजी दोनों कंपनियों की स्थिति मजबूत हो रही है। फार्मा सेक्टर में सन फार्मा एडवांस्ड रिसर्च ने 1,761 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया, जबकि बायोकॉन और जाइडस वेलनेस जैसी कंपनियां भी लाभ में लौट आईं।


रियल एस्टेट और मैन्युफैक्चरिंग में सुधार

रियल एस्टेट सेक्टर में सिग्नेचर ग्लोबल ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसने पिछली तिमाही के नुकसान की तुलना में 1,152 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। इसके अलावा, प्रिंस पाइप्स, ग्रीनलैम इंडस्ट्रीज और GMM फॉडलर जैसी कंपनियों ने भी मजबूत रिकवरी दिखाई। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में डिमांड के चलते एम्बर एंटरप्राइजेज ने मामूली नुकसान से उबरकर 229 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। डिफेंस और ड्रोन टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों ने भी बेहतर नतीजे पेश किए।


बाजार पर दबाव बना हुआ है

हालांकि कंपनियों के परिणाम सकारात्मक रहे हैं, लेकिन बाजार के सामने चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हो रही है, जिससे भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों के लिए चिंता बढ़ रही है। महंगे तेल से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है, जो कंपनियों के मार्जिन को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, रुपये की कमजोरी और बॉंड यील्ड में वृद्धि भी कॉर्पोरेट कमाई पर असर डाल सकती है।


ग्लोबल ब्रोकरेज की सकारात्मक दृष्टि

जेपी मॉर्गन, मॉर्गन स्टेनली और गोल्डमैन सैक्स जैसी ग्लोबल ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि छोटी अवधि की चुनौतियों के बावजूद भारत का अर्निंग्स साइकिल मजबूत बना हुआ है। मॉर्गन स्टेनली का कहना है कि छह तिमाहियों की सुस्ती के बाद अब भारत में कमाई की ग्रोथ तेज हो सकती है। ब्रोकरेज फर्मों के अनुसार, RBI की संभावित रेट कट, बेहतर लिक्विडिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और डिफेंस, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर तथा एनर्जी सेक्टर में बढ़ते निवेश से आगे भी कंपनियों की कमाई को सपोर्ट मिल सकता है।