प्रॉपर्टी रजिस्ट्री की लागत में भारी वृद्धि, आम आदमी पर पड़ेगा असर
प्रॉपर्टी रजिस्ट्री की नई दरें
एक अप्रैल से जिले के 740 स्थानों पर प्रॉपर्टी रजिस्ट्री महंगी होने जा रही है। इस बार पंजीकरण और राजस्व अधिकारियों ने प्रॉपर्टी की कीमतों में 5 से 181 प्रतिशत तक की वृद्धि का प्रस्ताव रखा था, जिसे केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। इससे आम लोगों के लिए प्रॉपर्टी खरीदना और रजिस्ट्री कराना मुश्किल हो जाएगा। पिछले तीन वर्षों में जमीन की कीमतों में लगभग 300 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि भूमि उपयोग में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं आया है।
जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कलेक्टर गाइडलाइन की दरों को स्वीकृति मिल गई है। इनमें से 740 स्थानों पर औसत वृद्धि 12 प्रतिशत की गई है, लेकिन कई क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की दरों में 5 से 188 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। इसका प्रभाव प्रॉपर्टी व्यापार पर पड़ेगा, और जहां तेजी से लेन-देन हो रहा है, वहां अचानक से कारोबार ठप हो सकता है।
प्रॉपर्टी सलाहकारों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों में जमीन की कीमतों में 300 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है, जिससे प्रॉपर्टी के कारोबार में कमी आई है। पंजीकरण विभाग भूमि उपयोग में कोई बदलाव नहीं करता, लेकिन हर साल राजस्व लक्ष्य पूरा करने के लिए प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ाई जा रही हैं। इन क्षेत्रों में भूमि उपयोग कृषि है, लेकिन वास्तव में यहां बड़ी कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। 2015 से 2018 के बीच शहर के अधिकांश स्थानों पर कीमतें स्थिर थीं, और चार वर्षों में औसत वृद्धि केवल 9 प्रतिशत थी।
जहां मुआवजा योजनाएं हैं, वहां प्रॉपर्टी की कीमतें नहीं बढ़ाई गई हैं। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मेट्रो रेल, स्टेशन, फ्लाईओवर और अन्य सरकारी निर्माण कार्य चल रहे हैं, जिसके लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इन क्षेत्रों में मुआवजा योजनाएं हैं, इसलिए प्रॉपर्टी की कीमतें स्थिर रखी गई हैं। अयोध्या बायपास सड़क के चौड़ीकरण के कारण कीमतें नहीं बढ़ाई गई हैं। कोलार मुख्य मार्ग पर 2023 में गिरावट के बाद तेजी आई और 2026 तक 45.83 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि कोलार दामखेड़ा में यह वृद्धि 188.46 प्रतिशत तक पहुंच गई।
बावड़ियाकलां में भी 94 से 161 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। नीलबड़ की अन्य कॉलोनियों में भी रिकॉर्ड वृद्धि देखी गई है, जहां कीमतें 4,000 से 300 प्रतिशत बढ़कर 16,000 रुपये प्रति वर्गफुट हो गई हैं। इसी तरह, कटारा हिल्स में 257 प्रतिशत, गोंदरमऊ में 247 प्रतिशत, भौंरी में 218 प्रतिशत और लांबाखेड़ा में 172 प्रतिशत तक प्रॉपर्टी की कीमतों में वृद्धि की गई है।