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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि से कार चलाने का खर्च बढ़ा

पश्चिम एशिया में तनाव के चलते भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि हो रही है, जिससे आम आदमी का बजट प्रभावित हो रहा है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹102.12 और डीजल की ₹95.20 प्रति लीटर हो गई है। इस लेख में विभिन्न कारों के मासिक खर्च का विश्लेषण किया गया है, जिसमें मारुति सुजुकी वैगनआर, टाटा नेक्सॉन, टोयोटा फॉर्च्यूनर और मर्सिडीज-बेंज जीएलई शामिल हैं। जानें कि कैसे ईंधन की कीमतों में वृद्धि ने कार चलाने के खर्च को प्रभावित किया है।
 

ईंधन की कीमतों में वृद्धि का प्रभाव

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम लोगों का बजट प्रभावित हो रहा है। हाल के दिनों में तेल की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी हुई है, जिसके परिणामस्वरूप कई शहरों में ईंधन की कीमतें 100 रुपये के पार जा चुकी हैं। दिल्ली में, ताजा वृद्धि के बाद पेट्रोल की कीमत लगभग ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल की कीमत करीब ₹95.20 प्रति लीटर हो गई है। इस वृद्धि ने लोगों के मासिक बजट पर गहरा असर डाला है।


कारों के मासिक खर्च का विश्लेषण

बढ़ती कीमतों के कारण, कार खरीदार अब पैनोरमिक सनरूफ या बड़ी टचस्क्रीन जैसी सुविधाओं की बजाय गाड़ी के माइलेज और चलाने के खर्च पर अधिक ध्यान देने लगे हैं। आइए देखते हैं कि यदि आपकी गाड़ी हर महीने 1,500 किलोमीटर चलती है, तो दिल्ली की मौजूदा कीमतों के अनुसार विभिन्न सेगमेंट की कारों का मासिक खर्च कितना होगा।


मारुति सुजुकी वैगनआर, जो देश में सबसे अधिक बिकने वाली कारों में से एक है, का औसत रियल-वर्ल्ड माइलेज लगभग 18 किमी प्रति लीटर है। यदि यह गाड़ी महीने में 1,500 किलोमीटर चलती है, तो इसकी खपत लगभग 83 लीटर पेट्रोल होगी, जिससे हर महीने का खर्च लगभग ₹8,475 आएगा। पहले यह खर्च ₹7,850 से ₹8,000 के बीच था।


टाटा नेक्सॉन, जो कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में आती है, का औसत रियल-वर्ल्ड माइलेज लगभग 14 किमी प्रति लीटर है। महीने में 1,500 किलोमीटर चलने पर इसकी खपत लगभग 107 लीटर पेट्रोल होगी, जिससे हर महीने का खर्च लगभग ₹10,925 आएगा। पहले यह खर्च करीब ₹10,000 था।


टोयोटा फॉर्च्यूनर, जो देश की लोकप्रिय गाड़ियों में से एक है, का औसत रियल-वर्ल्ड माइलेज लगभग 10 किमी प्रति लीटर है। यदि यह गाड़ी महीने में 1,500 किलोमीटर चलती है, तो इसकी खपत लगभग 150 लीटर डीजल होगी, जिससे हर महीने का खर्च ₹95.20 प्रति लीटर डीजल के हिसाब से लगभग ₹14,280 आएगा। पहले यह खर्च ₹13,200 से ₹13,500 के बीच था।


प्रीमियम सेगमेंट में मर्सिडीज-बेंज जीएलई, जो भारी बॉडी और बड़े इंजन के कारण अधिक ईंधन खर्च करती है, का औसत रियल-वर्ल्ड माइलेज लगभग 8 किमी प्रति लीटर है। महीने में 1,500 किलोमीटर चलने पर इसकी खपत लगभग 187 लीटर पेट्रोल होगी, जिससे हर महीने का खर्च ₹102.12 प्रति लीटर पेट्रोल के हिसाब से लगभग ₹19,096 आएगा। पहले इसका खर्च ₹17,500 से ₹18,000 के बीच था।