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पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उतार-चढ़ाव: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ताओं का असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ रहा है। हाल ही में खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने से क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। जानें कैसे यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर रहा है और भारत में कीमतों में वृद्धि का क्या कारण है।
 

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का प्रभाव


दिल्ली में पेट्रोल की कीमतों पर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ताओं का असर देखने को मिल रहा है। इस बातचीत से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में सुधार की उम्मीद थी, लेकिन हाल ही में खाड़ी क्षेत्र में फिर से तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने दक्षिण ईरान में आत्मरक्षा के नाम पर एक बड़ा हमला किया है, जिसमें ईरान के मिसाइल लॉन्चिंग स्थलों और सैन्य नौकाओं को निशाना बनाया गया। इस स्थिति ने सीजफायर की संभावनाओं को खतरे में डाल दिया है।


क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.64 डॉलर बढ़कर 97.78 डॉलर प्रति बैरल हो गई है, जबकि WTI क्रूड में 5.14 डॉलर की गिरावट आई है, जिससे इसकी कीमत 91.46 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। इस स्थिति में क्रूड ऑयल की आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद से कीमतों में गिरावट भी देखी जा रही है।


दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर असर

क्रूड ऑयल की कीमतों में हो रही उठापटक का असर वैश्विक स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिका में तेल की कीमतें 50 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं। भारत में भी सरकारी तेल कंपनियों ने पिछले 11 दिनों में चार बार पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाई हैं, जिससे घरेलू बाजार में कीमतें 7 रुपये प्रति लीटर से अधिक महंगी हो गई हैं। आंकड़ों के अनुसार, कीमतें बढ़ने के बावजूद तेल कंपनियों को प्रतिदिन लगभग 800 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।