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नेशनल पेंशन सिस्टम में महत्वपूर्ण बदलाव: जानें क्या है नया

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में 1 अप्रैल से महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहे हैं, जिसमें कई प्रकार के लेनदेन अस्थायी रूप से बंद रहेंगे। PFRDA के निर्देशों के तहत, निवेश प्रबंधन शुल्क और पॉइंट ऑफ प्रजेंस चार्ज में परिवर्तन किया जाएगा। जानें कि कौन से लेनदेन कब बंद होंगे और मल्टीपल NAV फ्रेमवर्क का क्या महत्व है। इसके अलावा, पेंशन एजेंटों की संख्या में वृद्धि से आम लोगों की पहुंच में सुधार होगा। सभी सेवाएं 2 अप्रैल से सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगी।
 

नेशनल पेंशन सिस्टम में बदलाव


नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के अंतर्गत यदि आप भविष्य के लिए निवेश कर रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण है। 1 अप्रैल से, एनपीएस में कुछ महत्वपूर्ण परिवर्तन होने जा रहे हैं। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) के निर्देश पर, सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियां (CRAs) और पेंशन फंड अपने सिस्टम को अपडेट कर रहे हैं। इस प्रक्रिया के कारण, 9 प्रकार के NPS लेनदेन 25 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक अस्थायी रूप से बंद रहेंगे। हालांकि, इस दौरान नई सदस्यता और योगदान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सभी सेवाएं 2 अप्रैल से पुनः प्रारंभ होंगी।

बदलावों का कारण:
> निवेश प्रबंधन शुल्क में परिवर्तन
> पॉइंट ऑफ प्रजेंस (PoP) चार्ज में अपडेट
> मल्टीपल NAV फ्रेमवर्क की शुरुआत, जिसमें एक ही योजना में विभिन्न NAV होंगे।

कौन से लेनदेन कब बंद रहेंगे?
> इंटर-सीआरए शिफ्टिंग- 25 मार्च 2026 से 1 अप्रैल 2026 तक
> पोर्टफोलियो री-बैलेंसिंग- 28 मार्च 2026 से 1 अप्रैल 2026 तक
> सब्सक्राइबर शिफ्टिंग- 27 मार्च 2026 (सुबह 10:30 बजे से) से 1 अप्रैल तक
> एरर रेक्टिफिकेशन (GPF विड्रॉल सहित)- 31 मार्च 2026 (सुबह 10:30 बजे से) से 1 अप्रैल तक
> NPS से UPS माइग्रेशन या क्लेम रिक्वेस्ट- 27 मार्च से 1 अप्रैल तक
> वन-वे स्विच- 27 मार्च से 1 अप्रैल तक
> सब्सक्राइबर प्रेफरेंस चेंज- 27 मार्च से 1 अप्रैल तक
> विड्रॉल (Exit, Tier-2, Partial Withdrawal, Family Pension)- 27 मार्च से 1 अप्रैल तक
> एनपीएस लाइट से अटल पेंशन में माइग्रेशन- 27 मार्च से 1 अप्रैल तक

मल्टीपल NAV फ्रेमवर्क क्या है?
1 अप्रैल 2026 से एनपीएस योजना में मल्टीपल NAV की शुरुआत होगी। इसका अर्थ है कि एक ही योजना में सरकारी और गैर-सरकारी सब्सक्राइबर के लिए अलग-अलग NAV लागू होंगे। इससे आईएमएफ (IMF) और PoP चार्ज को सब्सक्राइबर श्रेणी के अनुसार सही तरीके से काटा जा सकेगा। यह बदलाव एनपीएस को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए किया जा रहा है।

2 अप्रैल से सामान्य प्रक्रिया शुरू होगी
यदि आपको ऊपर बताए गए लेनदेन करने हैं, तो 1 अप्रैल 2026 से पहले निर्धारित शेड्यूल के अनुसार इन्हें पूरा कर लें। इसके अलावा, आप विड्रॉल, शिफ्टिंग या प्रेफरेंस चेंज की योजना भी पहले से बना सकते हैं। 2 अप्रैल 2026 से सभी प्रकार की सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगी। नई सदस्यता और नियमित योगदान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। एनपीएस के ये बदलाव सब्सक्राइबर के लिए और अधिक अनुकूल बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।

पेंशन एजेंटों की संख्या में वृद्धि
इससे पहले, एनपीएस तक आम लोगों की पहुंच बढ़ाने के लिए PFRDA ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। PFRDA ने पेंशन एजेंटों की संख्या को बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब पॉइंट ऑफ प्रजेंस (PoP) पहले से अधिक लोगों और संस्थाओं को एनपीएस की बिक्री और प्रचार के लिए नियुक्त कर सकेगा। इस निर्णय से गांवों और छोटे शहरों में रिटायरमेंट प्लानिंग की जानकारी और सुविधाएं बढ़ेंगी। PFRDA द्वारा हाल ही में जारी सर्कुलर के अनुसार, PoP अब 'any other person' श्रेणी के तहत नए एजेंट जोड़ सकते हैं। आइए जानते हैं अब कौन-कौन पेंशन एजेंट बन सकेगा?

> प्राइमरी एग्रीकल्चरल क्रेडिट सोसाइटीज (PACS)
> मान्यता प्राप्त MSME एसोसिएशंस
> चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CAs), कंपनी सेक्रेटरीज (CS), कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट्स
> चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट्स और सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर्स (CFPs)
> बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट सखी या पेंशन सखी
> ग्रामीण डाक सेवक
> डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और फिनटेक कंपनियां