डायबिटीज के मरीजों के लिए सर्वोत्तम आटे के विकल्प
डायबिटीज और आहार
डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो व्यक्ति के जीवनभर बनी रहती है। हालांकि इसका कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन यदि आप अपने रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखते हैं, तो आप एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। इस प्रक्रिया में आपकी डाइट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डायबिटीज के रोगी अक्सर यह नहीं समझ पाते कि उन्हें क्या खाना चाहिए और क्या नहीं।
मोटे अनाज का महत्व
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मोटे अनाज डायबिटीज के मरीजों के लिए सबसे अच्छे खाद्य पदार्थ होते हैं। इनमें फाइबर की उच्च मात्रा होती है और इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है, जिससे रक्त शर्करा का स्तर नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। मोटे अनाज से बनी रोटियां रक्त शर्करा को बढ़ने नहीं देती। आइए जानते हैं कि डायबिटीज के मरीजों के लिए कौन सा आटा सबसे अच्छा है।
जौ का आटा
जौ, जिसे बार्ली भी कहा जाता है, स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक लाभकारी है। डायबिटीज के मरीज जौ के आटे से बनी रोटियां बेझिझक खा सकते हैं। इसके नियमित सेवन से मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है और यह दिल के मरीजों के लिए भी एक स्वस्थ विकल्प है। जौ का आटा कोलेस्ट्रॉल स्तर को भी नियंत्रित रखने में मदद करता है।
रागी का आटा
रागी का आटा डायबिटीज के मरीजों के लिए एक वरदान है। इसमें उच्च मात्रा में डाइटरी फाइबर होता है, जिससे खाने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती। इससे ओवरईटिंग से बचने में मदद मिलती है और वजन कम करने में सहायता मिलती है। मोटापे और डायबिटीज के बीच गहरा संबंध है, इसलिए मोटे लोगों को रागी का आटा अधिक खाना चाहिए।
ओट्स का आटा
ओट्स में फाइबर की उच्च मात्रा होती है, जो डायबिटीज के मरीजों को रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद करती है। इसमें कैलोरी भी कम होती है, जिससे वजन बढ़ने की संभावना कम होती है। उदाहरण के लिए, 100 ग्राम ओट्स में 68 कैलोरी और 21 ग्राम फाइबर होता है। इसलिए ओट्स के आटे से बनी रोटियां डायबिटीज के लिए फायदेमंद होती हैं।
ज्वार का आटा
ज्वार का आटा भी डायबिटीज के मरीजों के लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। इस आटे से बनी रोटियों में फाइबर, कार्बोहाइड्रेट और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। ज्वार का ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है, जिससे इसका सेवन रक्त शर्करा को बढ़ने नहीं देता। इसलिए इसे अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है।