जापान का निक्केई 71,000 के पार, वैश्विक निवेशकों में खुशी
निक्केई का ऐतिहासिक उछाल
जापान का निक्केई इंडेक्स पहली बार 71,000 के स्तर को पार कर गया है, जिससे वैश्विक निवेशकों में उत्साह का माहौल है। अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के बाद, निक्केई ने शुरुआती कारोबार में 1,400 अंकों की वृद्धि की, जो कि 2 प्रतिशत के करीब है। तकनीकी और एआई से संबंधित शेयरों में भी मजबूत मांग के चलते तेजी आई है।
अन्य एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिला, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई 225 नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान शांति समझौता न केवल एशियाई बाजारों बल्कि वैश्विक बाजारों में भी सकारात्मक भावना को बढ़ावा देगा। हालांकि, कुछ व्यापारी सतर्क हैं और यह सोचते हैं कि शांति कितनी देर तक बनी रहेगी।
जापान के शेयर बाजार ने लगातार रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छुआ है, लेकिन आर्थिक दबाव भी बना हुआ है। मई में जापान का व्यापार घाटा 2.34 अरब डॉलर रहा, जो चार महीनों में पहला घाटा है। जापान के कच्चे तेल के आयात में 57 प्रतिशत की कमी आई है। दूसरी ओर, निर्यात में 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो कि सेमीकंडक्टर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक भागों की मजबूत मांग के कारण है।
जापान ने वैकल्पिक स्रोतों से ईंधन प्राप्त करने के प्रयासों को बढ़ाया है, जिसमें अमेरिका भी शामिल है। अमेरिका से कच्चे तेल का आयात 24 प्रतिशत बढ़ा है। जापान के केंद्रीय बैंक ने स्वीकार किया है कि उच्च कच्चे तेल की कीमतें आर्थिक गतिविधियों पर दबाव डाल रही हैं। हालांकि, मजबूत कॉर्पोरेट लाभ और बेहतर रोजगार की स्थिति ने विकास को समर्थन दिया है।