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उदयपुर में खाद्य सुरक्षा योजनाओं के लिए डोर-टू-डोर सर्वे का निर्देश

उदयपुर में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव अम्बरीश कुमार ने अधिकारियों के साथ बैठक में डोर-टू-डोर सर्वेक्षण का आदेश दिया है। यह सर्वेक्षण उपभोक्ताओं को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सभी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही, उचित मूल्य दुकानों पर खाद्यान्न की जांच और गबन के मामलों में कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। जानें इस बैठक में और क्या महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
 

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की बैठक


जयपुर में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव अम्बरीश कुमार ने उदयपुर कलेक्ट्रेट सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उन्होंने जिला रसद अधिकारी मनीष भटनागर को निर्देश दिए कि सभी ब्लॉकों में एक-एक ग्राम पंचायत का चयन कर 17 जुलाई तक डोर-टू-डोर सर्वे करवाया जाए। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत सभी योजनाओं का लाभ दिलाना है।


उन्होंने चयनित ग्राम पंचायतों में ई-केवाईसी और आधार सीडिंग के लिए वंचित लोगों का भी सर्वेक्षण करने का आदेश दिया, ताकि पात्र लाभार्थियों को उनके अधिकारों का लाभ मिल सके। इसके अलावा, थोक विक्रेताओं और क्रय विक्रय सहकारी समितियों के खाद्यान्न परिवहन के लंबित बिलों का त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।


अम्बरीश कुमार ने उचित मूल्य दुकानों पर गेहूं के स्टॉक की गहन जांच करने का भी निर्देश दिया। यदि किसी दुकान पर खाद्यान्न की मात्रा निर्धारित मात्रा के अनुरूप नहीं पाई जाती है, तो उचित मूल्य दुकानदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।


उन्होंने जिला रसद अधिकारी को गेहूं का भौतिक सत्यापन करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए भी कहा। जिन उचित मूल्य दुकानदारों ने पहले गेहूं का गबन किया है, उनके खिलाफ पहले से दर्ज प्राथमिकी और पीडीआर की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।


बैठक में रजिस्ट्रार सहकारी समितियां उदयपुर, श्रीमती गुंजन चौबे, सभी प्रवर्तन अधिकारी और प्रवर्तन निरीक्षक, बीपीसीएल एलपीजी विक्रय अधिकारी दीपक लाम्बा, और गैस एजेंसी वितरक भी उपस्थित थे।