अडानी टोटल गैस के शेयरों में तेजी: निवेशकों को 35% का लाभ
अडानी टोटल गैस में निवेशकों की खुशी
हाल के दिनों में अडानी ग्रुप की एक कंपनी ने शेयर बाजार में निवेशकों को शानदार लाभ दिया है। अडानी टोटल गैस के शेयरों में लगातार तेजी देखी जा रही है। बुधवार को इस शेयर ने लगातार पांचवें दिन एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया। केवल छह दिनों में, इस शेयर ने निवेशकों को लगभग 35% का लाभ दिया है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन महीनों में इस शेयर की कीमत में लगभग 83% की वृद्धि हुई है। आज भी, यह शेयर लगभग 3% की बढ़त के साथ ₹832.40 पर कारोबार कर रहा है। बुधवार, 27 मई को इसमें 16% से अधिक की वृद्धि हुई थी। अब निवेशकों के मन में यह सवाल है कि क्या उन्हें मुनाफा निकाल लेना चाहिए या आगे और लाभ की उम्मीद करनी चाहिए?
तेजी के पीछे के कारण
अडानी टोटल गैस के शेयरों में आई इस तेजी के पीछे दो मुख्य कारण हैं। पहला, वैश्विक बाजार का प्रभाव है। ऊर्जा की कीमतें दुनिया भर में बढ़ रही हैं। जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण पिछले दो हफ्तों में सीएनजी की कीमतों में चार बार वृद्धि हुई है, जिससे सिटी गैस वितरण कंपनियों को लाभ मिलने की संभावना है। दूसरा, कंपनी के मजबूत मार्च तिमाही के परिणाम भी इस तेजी को बढ़ावा दे रहे हैं।
भावों की भविष्यवाणी
जब कोई शेयर इतनी तेजी से बढ़ता है, तो निवेशकों की नजर उसके अगले लक्ष्य पर होती है। बुधवार को बीएसई पर यह शेयर 13.35% की वृद्धि के साथ ₹808.10 पर बंद हुआ। दिन के दौरान, यह ₹829.35 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। एक वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक के अनुसार, इस शेयर में एक मजबूत ब्रेकआउट हुआ है। यदि यह ₹740 के स्तर से ऊपर बना रहता है, तो यह ₹850 से ₹900 तक पहुंच सकता है।
निवेश से पहले ध्यान देने योग्य बातें
हालांकि मुनाफे की उम्मीदें हैं, लेकिन विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है। विश्लेषकों का कहना है कि यह शेयर वर्तमान में 'ओवरबॉट' जोन में है। इसका RSI 75 के पार है, जिसका मतलब है कि इसमें बहुत अधिक खरीदारी हो चुकी है। ऐसे में अगले कुछ दिनों में इसके भाव में हल्का सुधार या ठहराव देखने को मिल सकता है। गिरावट की स्थिति में, इसके लिए ₹700 से ₹645 के स्तर पर मजबूत समर्थन है।
कंपनी का प्रदर्शन
कंपनी के वित्तीय आंकड़े भी मजबूत हैं। वित्त वर्ष 2026 की अंतिम तिमाही में, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 9% बढ़कर ₹168.34 करोड़ हो गया। पिछले तिमाही की तुलना में इसमें 8% की वृद्धि हुई है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू भी सालाना आधार पर 16.2% बढ़कर ₹1,694.61 करोड़ तक पहुंच गया है। जिन्होंने 2 मार्च 2026 को इसके एक साल के निचले स्तर ₹453.50 पर निवेश किया था, उनकी पूंजी तीन महीनों में लगभग 83% बढ़ चुकी है.