IMF ने भारत की GDP वृद्धि का अनुमान बढ़ाया
भारत के लिए IMF की नई वृद्धि भविष्यवाणी
भारत को आर्थिक मोर्चे पर एक सकारात्मक संकेत मिला है, जब IMF ने 2026 के लिए GDP वृद्धि के अनुमान को 0.3 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 6.5% कर दिया है। यह वृद्धि 2025 के अच्छे प्रदर्शन और अमेरिकी टैरिफ में कमी के कारण हुई है, जो 50% से घटकर 10% हो गया है। इसके अलावा, IMF ने 2027 के लिए भी 6.5% की वृद्धि का अनुमान लगाया है। 2025 के लिए वृद्धि का अनुमान 1.0 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 7.6% किया गया है।
वैश्विक स्तर पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
IMF ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष का व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और वित्तीय स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि में कमी आ रही है और महंगाई का खतरा बढ़ रहा है। 2026 में उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि 3.9% रहने का अनुमान है, जो 2027 में बढ़कर 4.2% हो सकती है। एशिया में भी विकास की गति धीमी होने की संभावना है, हालांकि चीन के लिए 2026 के अनुमान में थोड़ा सुधार किया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि विभिन्न क्षेत्रों पर इसका प्रभाव भिन्न होगा। कमोडिटी आयात करने वाले देशों पर महंगाई का अधिक दबाव रहेगा, जबकि पर्यटन पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं में मांग में कमी आ सकती है।
महंगाई पर प्रभाव
वैश्विक महंगाई, जो पहले घट रही थी, अब कुछ समय के लिए फिर से बढ़ सकती है और फिर दशक के अंत तक कम होने की उम्मीद है। IMF के अनुसार, वैश्विक महंगाई 2025 में 4.1% से बढ़कर 2026 में 4.4% हो सकती है, और फिर 2027 में घटकर 3.7% रह जाएगी।
2026 के लिए यह अनुमान अक्टूबर 2025 WEO के मुकाबले 0.7 प्रतिशत अंक अधिक है। IMF ने यह भी कहा कि विभिन्न देशों में महंगाई का प्रभाव अलग-अलग होगा। कुछ विकसित देशों में सेवा क्षेत्र की महंगाई बनी रह सकती है, जबकि अन्य स्थानों पर आपूर्ति में रुकावट और ऊर्जा लागत का दबाव बना रहेगा। भारत के लिए, 2025 में खाद्य कीमतों में कमी के बाद महंगाई धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है।