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AI की लागत ने कंपनियों के बजट को किया प्रभावित, माइक्रोसॉफ्ट और उबर की स्थिति चिंताजनक

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की लागत में वृद्धि ने प्रमुख कंपनियों जैसे माइक्रोसॉफ्ट और उबर के बजट को प्रभावित किया है। हाल ही में, माइक्रोसॉफ्ट ने अपने AI टूल का उपयोग सीमित किया है, जबकि उबर का AI कोडिंग बजट केवल चार महीनों में समाप्त हो गया। इस लेख में जानें कि कैसे AI की प्राइसिंग पॉलिसी और टोकन की खपत ने कंपनियों के खर्चों को बढ़ा दिया है और भविष्य में क्या संभावनाएँ हैं।
 

AI की बढ़ती लागत पर चिंता

वर्तमान में, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बारे में चर्चा हो रही है कि यह मानव श्रमिकों की जगह ले सकता है और कंपनियों के लिए लागत में कमी ला सकता है। लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत है। तकनीकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियाँ, जिन्होंने AI को पहले अपनाया, अब इसके बढ़ते खर्च से चौंकी हुई हैं। उदाहरण के लिए, माइक्रोसॉफ्ट, उबर और एनवीडिया जैसी कंपनियों के आंकड़े दर्शाते हैं कि कई मामलों में AI का खर्च उनके मानव कर्मचारियों की सैलरी से भी अधिक हो गया है.


माइक्रोसॉफ्ट ने AI टूल का उपयोग सीमित किया

छह महीने पहले, माइक्रोसॉफ्ट ने अपने डेवलपर्स और डिजाइनरों को 'क्लॉड कोड' नामक AI टूल का उपयोग करने की अनुमति दी थी। कर्मचारियों ने इसे तेजी से अपनाया, लेकिन अब कंपनी को अपने इंजीनियरों से इस टूल का उपयोग वापस लेना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट अब अधिकांश क्लॉड कोड लाइसेंस रद्द कर रही है और कर्मचारियों को गिटहब कोपायलट सीएलआई की ओर भेज रही है। हालांकि, एंथ्रोपिक कंपनी के साथ उनका व्यावसायिक संबंध जारी रहेगा, जिसमें 5 अरब डॉलर का निवेश शामिल है.


उबर का बजट AI खर्च में समाप्त

यह समस्या केवल माइक्रोसॉफ्ट तक सीमित नहीं है। उबर के CTO प्रवीण नेपल्ली नागा ने बताया कि कंपनी का 2026 के लिए निर्धारित AI कोडिंग बजट केवल चार महीनों में समाप्त हो गया। यह तब हुआ जब उबर ने अपने कर्मचारियों को AI टूल्स का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया था, और टीमों के बीच AI के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए लीडरबोर्ड बनाए गए थे.


AI की उच्च लागत का कारण

AI की बढ़ती लागत का मुख्य कारण इसकी प्राइसिंग पॉलिसी है। लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) हर 'टोकन' के लिए शुल्क लेते हैं। टोकन टेक्स्ट की सबसे छोटी इकाई होती है जिसे AI प्रोसेस करता है। यदि काम की मात्रा बढ़ती है, तो टोकन की खपत भी बढ़ती है, जिससे कुल खर्च में वृद्धि होती है। अमेज़ॅन जैसी कंपनियाँ अपने कर्मचारियों को अधिक टोकन उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं, जबकि मेटा में यह ट्रैक किया जा रहा है कि कौन सा कर्मचारी सबसे अधिक AI का उपयोग कर रहा है.


भविष्य में AI की लागत

गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि 2030 तक एजेंटिक AI सिस्टम के आने से टोकन की खपत 24 गुना बढ़ जाएगी। गार्टनर की रिसर्च बताती है कि भविष्य में टोकन की कीमतें 90% तक गिर सकती हैं, लेकिन काम में लगने वाले टोकन की संख्या इतनी बढ़ जाएगी कि कंपनियों का कुल खर्च कम नहीं होगा.


कंप्यूटर की लागत ने मानव श्रमिकों को पीछे छोड़ा

एनवीडिया के उपाध्यक्ष ब्रायन कैटानज़ारो ने कहा है कि उनकी टीम के लिए कंप्यूटर की लागत अब कर्मचारियों की कुल लागत से अधिक हो गई है। एनवीडिया AI चलाने वाली चिप्स का निर्माण करती है, जो इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.