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8वें वेतन आयोग की लखनऊ बैठक: कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग की लखनऊ में होने वाली बैठक महत्वपूर्ण है। इस बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं और सुझावों पर चर्चा की जाएगी, जिससे नई वेतन संरचना तैयार की जा सकेगी। आयोग ने डिजिटल अपॉइंटमेंट प्रक्रिया को लागू किया है, जिससे यूनियनें अपनी मांगें प्रस्तुत कर सकेंगी। इस बार फिटमेंट फैक्टर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जो कर्मचारियों की सैलरी को प्रभावित करेगा। जानें इस बैठक से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ।
 

8वें वेतन आयोग की बैठक का आयोजन

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना आई है। 8वें वेतन आयोग ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 22 और 23 जून को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस बैठक में केंद्रीय सरकारी संस्थानों, कर्मचारी संघों और संगठनों की मांगों पर गहन चर्चा की जाएगी.


बैठक का उद्देश्य

आयोग का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की समस्याओं और सुझावों को सीधे सुनना है, ताकि नई वेतन संरचना तैयार करते समय उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखा जा सके। आयोग ने बताया है कि लखनऊ में होने वाली बैठक में भाग लेने के लिए उत्तर प्रदेश की कर्मचारी यूनियनों को 10 जून 2026 तक एनआईसी (NIC) पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा.


डिजिटल अपॉइंटमेंट प्रक्रिया

आयोग ने अपॉइंटमेंट प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। यूनियनों को पहले अपना मांग पत्र आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड करना होगा। सफलतापूर्वक जमा होने के बाद एक यूनिक मेमो आईडी जारी की जाएगी, जिसके माध्यम से यूनियनें बैठक के लिए अपॉइंटमेंट ले सकेंगी.


सैलरी में वृद्धि का इतिहास

इस बीच, आयोग ने सभी केंद्रीय कर्मचारी यूनियनों और पेंशनर्स एसोसिएशन्स से 31 मई 2026 तक अपनी सिफारिशें और मांग पत्र जमा करने का अनुरोध किया है। देश के प्रमुख कर्मचारी संगठन जैसे NC-JCM और AIDEF अपनी अंतिम मांगों को तैयार करने में लगे हुए हैं। इस बार फिटमेंट फैक्टर पर सबसे अधिक चर्चा हो रही है, जो कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी तय करने का आधार है. 7वें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी 18 हजार रुपये हुई थी.


फिटमेंट फैक्टर की मांग

अब कर्मचारी यूनियनें 2.86 से लेकर 3.83 तक फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रही हैं। यदि सरकार इन मांगों को स्वीकार करती है, तो एंट्री लेवल कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 50 हजार रुपये प्रति माह तक पहुंच सकती है। ऐसे में आने वाले महीनों में 8वें वेतन आयोग की बैठकों पर लाखों कर्मचारियों की नजर बनी रहेगी.


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