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अमेरिकी, रूसी और भारतीय नर्क: एक मजेदार तुलना

इस मजेदार कहानी में एक व्यक्ति की नर्क यात्रा का वर्णन किया गया है, जहां वह विभिन्न देशों के नर्कों की सजा का अनुभव करता है। अमेरिकी, रूसी और भारतीय नर्क की तुलना करते हुए, वह भारतीय नर्क की भीड़ का कारण जानने की कोशिश करता है। क्या आपको पता है कि भारतीय नर्क में इतनी भीड़ क्यों है? जानने के लिए पढ़ें!
 

एक व्यक्ति का नर्क यात्रा


एक व्यक्ति मरने के बाद नर्क पहुंचा। वहां उसने देखा कि हर किसी को किसी भी देश के नर्क में जाने की अनुमति थी।


उसने सोचा कि चलो, अमेरिकी नर्क का अनुभव करते हैं। जब वह वहां पहुंचा, तो पहरेदार से पूछा, “अमेरिकी नर्क में क्या होता है?”


पहरेदार ने उत्तर दिया:



  • पहले आपको एक इलेक्ट्रिक चेयर पर एक घंटे के लिए बैठाया जाएगा और करंट दिया जाएगा।

  • फिर आपको कीलों के बिस्तर पर एक घंटे के लिए लिटाया जाएगा।

  • इसके बाद, एक दैत्य आपकी जख्मी पीठ पर पचास कोड़े मारेगा।


यह सुनकर व्यक्ति घबरा गया और रूस के नर्क चला गया। वहां भी वही बातें बताई गईं। फिर वह सभी देशों के नर्कों के दरवाजों पर गया, लेकिन हर जगह वही डरावनी सजाएं सुनाई दीं।


आखिरकार, वह भारतीय नर्क पहुंचा। वहां उसने देखा कि दरवाजे के बाहर लंबी लाइन लगी थी और लोग अंदर जाने के लिए उत्सुक थे।


उसने सोचा, “यहां शायद सजाएं कम होंगी।” उसने पहरेदार से पूछा, “सज़ा क्या है?”


पहरेदार ने कहा:



  • इलेक्ट्रिक चेयर पर बैठाना,

  • कीलों के बिस्तर पर लिटाना,

  • और पचास कोड़े मारना।


व्यक्ति चकरा गया और बोला, “यही सब तो बाकी देशों में भी है, फिर यहां इतनी भीड़ क्यों है?”


पहरेदार हंसते हुए बोला:



  • इलेक्ट्रिक चेयर तो वही है, लेकिन बिजली नहीं आती।

  • कीलों वाले बिस्तर की कीलें किसी ने निकालकर बेच दी हैं।

  • और कोड़े मारने वाला कर्मचारी आता है, दस्तखत करता है और चाय-नाश्ता करने चला जाता है।

  • अगर गलती से जल्दी लौट भी आया, तो एक-दो कोड़े मारकर पचास लिख देता है।